इस वर्ष गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड में भारतीय वायु सेना (IAF) का हवाई प्रदर्शन विशेष रूप से ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे, जो हालिया सैन्य अभियानों में भारत की आक्रामक और सटीक रणनीति का प्रतीक माना जा रहा है। यह फॉर्मेशन आकाश में भारत की सैन्य तैयारी, तकनीकी श्रेष्ठता और मनोबल को एक साथ प्रदर्शित करेगा।
‘सिंदूर’ फॉर्मेशन का सामरिक संदेश
‘सिंदूर’ फॉर्मेशन केवल एक आकृति नहीं, बल्कि एक रणनीतिक प्रतीक है। यह उस निर्णायक कार्रवाई की याद दिलाता है, जिसमें भारत ने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और कठोर रुख अपनाया। इस फॉर्मेशन का स्केच सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि भारतीय वायु सेना किस तरह अपनी हवाई शक्ति के जरिए दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।
इन फाइटर जेट्स की होगी शिरकत
‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना के अत्याधुनिक और भरोसेमंद लड़ाकू विमान शामिल होंगे। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और मिग-29 के दो-दो फाइटर जेट उड़ान भरेंगे, जबकि एक जगुआर लड़ाकू विमान इस फॉर्मेशन को पूर्णता देगा। ये वही जेट हैं, जिन्होंने हालिया सैन्य अभियानों में निर्णायक भूमिका निभाई और भारत की हवाई बढ़त को स्थापित किया।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की एक साहसिक और सुनियोजित सैन्य कार्रवाई थी। 6-7 मई 2025 की रात भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस अभियान के तहत जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के नौ प्रमुख ठिकानों को तबाह कर दिया गया।
पाकिस्तानी उकसावे का करारा जवाब
7-8 मई की रात पाकिस्तानी सेना द्वारा उकसावे की कोशिश के बाद भारत ने 10 मई तक जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना और वायुसेना के कई अहम बेस पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अब किसी भी दुस्साहस का जवाब निर्णायक और समय पर देने में सक्षम है।
गणतंत्र दिवस पर शक्ति और संकल्प का संगम
गणतंत्र दिवस पर ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में उड़ते लड़ाकू विमान न केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन होंगे, बल्कि यह संदेश भी देंगे कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह दृश्य हर भारतीय के मन में गर्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की भावना को और प्रबल करेगा।
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