बसंत पंचमी के अवसर पर मौसम ने अचानक करवट ले ली। पूरी सर्दी अपेक्षाकृत सूखे रहे पहाड़ी इलाके अब बर्फ की सफेद चादर से ढकने लगे हैं। कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण लंबे समय तक बर्फबारी नहीं हो पाई थी, लेकिन अब सक्रिय मौसमी सिस्टम ने कश्मीर से लेकर हिमाचल तक ठंड और बर्फ का असर दिखाना शुरू कर दिया है।
कश्मीर घाटी में जमी बर्फ की मोटी परत
कश्मीर में गुरुवार से ही लगातार बर्फबारी जारी है। श्रीनगर में लगभग 8 इंच तक बर्फ गिर चुकी है और तापमान शून्य से नीचे चला गया है। गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं, जिससे घाटी एक बार फिर पोस्टकार्ड जैसी खूबसूरती में नजर आ रही है।
हिमाचल प्रदेश में टूटा तीन महीने का सूखा दौर
हिमाचल प्रदेश में शिमला, मनाली और कुल्लू में 10 से 15 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। राज्य में करीब तीन महीने बाद ड्राई स्पेल टूटा है। शिमला में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिसने स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। मनाली के पास कोठी गांव में लगभग 15 सेंटीमीटर बर्फबारी सबसे अधिक दर्ज की गई।
पर्यटन उद्योग को मिली संजीवनी
ताजा बर्फबारी ने पर्यटन से जुड़े कारोबारियों की उम्मीदों को नया बल दिया है। नए साल से ही पर्यटक बर्फ का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कई जगहों पर सिर्फ नाममात्र की बर्फ देखने को मिली थी। अब गणतंत्र दिवस के लंबे वीकेंड से पहले हुई बर्फबारी से होटल बुकिंग, टैक्सी सेवाओं और स्थानीय व्यवसायों में तेजी आने की संभावना है।
मैदानों में बढ़ी ठिठुरन, सर्दी का असर तेज
पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आ रहा है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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