तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) फिलहाल बहुमत साबित करने में असफल रही है। इसी वजह से राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार को विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन कुछ ही घंटों में राजनीतिक समीकरण बदल गए और टीवीके गठबंधन को बड़ा झटका लगा।
सहयोगी दलों ने खींचे हाथ
आईयूएमएल और टीटीवी दिनाकरन की एएमएमके ने अलग-अलग पत्र जारी कर टीवीके गठबंधन से दूरी बना ली। एएमएमके ने राज्यपाल को पत्र लिखकर एआईएडीएमके को सरकार बनाने का मौका देने की मांग भी की है।
वहीं, वामपंथी दल CPI और CPM ने टीवीके को बाहर से समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन सरकार में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद टीवीके बहुमत के आंकड़े 118 तक नहीं पहुंच पाई।
टीवीके ने जताया भरोसा
टीवीके विधायक मैरी विल्सन ने भरोसा जताते हुए कहा कि विजय न सिर्फ पांच साल बल्कि लंबे समय तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को पूरा विश्वास है और देर रात तक कोई सकारात्मक खबर सामने आ सकती है।सूत्रों के मुताबिक, अब टीवीके इस पूरे मामले को लेकर अदालत का रुख कर सकती है। पार्टी कानूनी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
राज्यपाल का सख्त संदेश
राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने स्पष्ट कहा कि 113 या 116 विधायकों के समर्थन के आधार पर स्थिर सरकार नहीं बनाई जा सकती। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि बिना लिखित समर्थन पत्र के कोई संवैधानिक कदम नहीं उठाया जाएगा।फिलहाल तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। अब सबकी नजरें राज्यपाल के अगले फैसले और संभावित कानूनी लड़ाई पर टिकी हैं।