नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए VB–G RAM G एक्ट 2025 को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। सरकार के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका की गारंटी को और मजबूत बनाना है।
MGNREGA का अपग्रेडेड मॉडल माना जा रहा नया एक्ट
सरकार का कहना है कि VB–G RAM G एक्ट मौजूदा मनरेगा व्यवस्था का एक आधुनिक और उन्नत स्वरूप होगा। इसे “विकसित भारत” विजन के तहत तैयार किया गया है, ताकि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें और लोगों को स्थिर आय का विकल्प मिल सके।
ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में दिख सकता है बड़ा बदलाव
इस कानून के लागू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में लोगों को गारंटीड सरकारी काम या आय का विकल्प मिलने की संभावना है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर निजी कंपनियों या अस्थायी मजदूरी के बजाय सरकारी रोजगार योजनाओं की तरफ आकर्षित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर देश के लेबर मार्केट पर भी साफ दिखाई दे सकता है।
किन सेक्टरों पर पड़ेगा असर?
इस एक्ट का सबसे ज्यादा प्रभाव उन क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो ग्रामीण मजदूरों पर निर्भर रहते हैं। खासतौर पर:
कंस्ट्रक्शन सेक्टर
इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट
कृषि आधारित उद्योग
छोटे और मध्यम उद्योग
इन क्षेत्रों में मजदूरों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ने और कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीण बाजार और FMCG कंपनियों को हो सकता है फायदा
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि ग्रामीण लोगों की आमदनी बढ़ती है तो उनकी खरीदने की क्षमता भी मजबूत होगी। इसका फायदा FMCG कंपनियों, कृषि उत्पाद कंपनियों और ग्रामीण बाजार पर फोकस करने वाले बिजनेस को मिल सकता है। गांवों में खपत बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार का दावा है कि VB–G RAM G एक्ट ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने और रोजगार की स्थिरता देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे गांवों से शहरों की ओर पलायन कम करने में भी मदद मिल सकती है।
कब से लागू होगा कानून?
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। इसके लिए राज्यों और संबंधित विभागों को तैयारियां शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।