नई दिल्ली | आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि 2026 का पावन पर्व शुरू हो रहा है। इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से हुई है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उपवास रखते हैं और सात्विक भोजन के साथ नियम-संयम का पालन करते हैं। व्रत के दौरान खान-पान का विशेष महत्व माना जाता है। सही फलाहार लेने से धार्मिक नियमों का पालन करने के साथ शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और तरल पदार्थ भी मिल सकते हैं। हालांकि, व्रत रखने वाले लोगों को अपनी उम्र, स्वास्थ्य और किसी बीमारी के अनुसार खान-पान का ध्यान रखना चाहिए।
नवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए?
नवरात्रि व्रत में आमतौर पर अनाज की जगह कुछ विशेष व्रत सामग्री का सेवन किया जाता है। इनमें कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, सामा के चावल और साबूदाना प्रमुख हैं। साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है।
फल और डेयरी उत्पाद
व्रत में केला, सेब, अनार, पपीता और अन्य ताजे फलों का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद भी आहार में शामिल किए जाते हैं।
सब्जियां और मेवे
व्रत के दौरान आलू, अरबी, लौकी, कद्दू और गाजर जैसी सब्जियों का सेवन किया जाता है। वहीं बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली और मखाना जैसे मेवे भी लिए जा सकते हैं। भुने हुए मखाने और सूखे मेवे व्रत के दौरान हल्के स्नैक के विकल्प हो सकते हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
नवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
व्रत के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाता है। आमतौर पर गेहूं, सामान्य चावल, सूजी, मैदा और दालों का सेवन नहीं किया जाता। कई लोग व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं और प्याज-लहसुन तथा कुछ मसालों से परहेज रखते हैं। व्रत के नियम परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग-अलग भी हो सकते हैं। इसके अलावा अत्यधिक तला-भुना, पैकेज्ड और बहुत ज्यादा मीठा भोजन सीमित रखना बेहतर है। शराब और मांसाहार से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परहेज किया जाता है।
नवरात्रि व्रत के दौरान इन डाइट टिप्स का रखें ध्यान
सुबह फल या नारियल पानी से करें शुरुआत
दिन की शुरुआत ताजे फल या नारियल पानी से की जा सकती है। इससे शरीर को तरल पदार्थ और प्राकृतिक पोषक तत्व मिलते हैं।
पानी की कमी न होने दें
व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा छाछ, दूध या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं।
मेवों को डाइट में करें शामिल
भुने हुए मखाने, बादाम और अखरोट जैसे मेवे थोड़ी मात्रा में लिए जा सकते हैं। इनका सेवन शरीर को ऊर्जा देने वाले आहार के रूप में किया जाता है।
बहुत भारी फलाहार से बचें
कुट्टू या सिंघाड़े से बने बहुत ज्यादा तले हुए पकवान खाने के बजाय सामा की खिचड़ी, हल्का साबूदाना या उबले आलू जैसे विकल्प चुने जा सकते हैं।
एक साथ ज्यादा खाने से बचें
पूरे दिन भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत अधिक खाना पेट के लिए भारी पड़ सकता है। बेहतर है कि अपनी सहनशीलता के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फलाहार लेते रहें।
व्रत में सेहत का भी रखें ध्यान
नवरात्रि का व्रत धार्मिक आस्था से जुड़ा है, लेकिन इसके दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। लंबे समय तक खाली पेट रहने या केवल तले-भुने फलाहारी खाद्य पदार्थ खाने से कमजोरी, चक्कर या एसिडिटी जैसी समस्या हो सकती है।
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। नवरात्रि के दौरान सात्विक और संतुलित फलाहार के साथ पर्याप्त पानी लेना शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। व्रत के नियमों का पालन करते हुए अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।