नई दिल्ली - एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। चीन की बाओ जियी को फाइनल में 5-0 से हराकर लवलीना ने अपने एशियाई खेलों के पदक का रंग बदल दिया। खास बात यह रही कि यह ऐतिहासिक जीत उन्हें उनके 29वें जन्मदिन के दिन मिली।
दिल्ली लौटने के बाद लवलीना ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जताई और कहा कि यह पदक उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि मुकाबले से पहले उनका पूरा ध्यान सिर्फ जीत हासिल करने पर था और उन्होंने किसी दूसरी चीज के बारे में सोचने से खुद को दूर रखा।
‘मेरे लिए ये मेडल बहुत खास है’
लवलीना ने कहा कि वह अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। उनके लिए इस जीत की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह सफलता उनके जन्मदिन पर मिली। उन्होंने कहा कि देश लौटकर अपने लोगों के बीच होना भी उनके लिए बेहद भावुक और खुशी का पल है। बॉक्सर ने बताया कि इस भावना को शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, प्रतियोगिता के दौरान उनके दिमाग में केवल एक लक्ष्य था—जीत हासिल करना। उन्होंने किसी तरह के दबाव या दूसरी बातों को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया।
पिछली हार ने बढ़ाया था गोल्ड का जुनून
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इससे पहले वह एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण से चूक चुकी थीं। उन्होंने खुद बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में वह कुछ अंकों के अंतर से गोल्ड नहीं जीत पाई थीं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।
इसी अनुभव ने इस बार उनके इरादे को और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि इस बार उनका लक्ष्य किसी भी कीमत पर गोल्ड जीतना था। मुकाबले के दौरान उन्होंने अपना पूरा ध्यान रिंग में प्रदर्शन पर रखा और परिणाम हासिल करने के बाद ही बाकी चीजों के बारे में सोचा।
पोडियम पर राष्ट्रगान सुनना रहा भावुक पल
लवलीना ने कहा कि जब वह गोल्ड मेडल लेकर पोडियम पर खड़ी थीं और भारत का राष्ट्रगान बज रहा था, तब वह उनके करियर के सबसे खास पलों में से एक था। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर राष्ट्रगान सुनना उनके लिए गर्व और भावुकता से भरा अनुभव रहा। यह लवलीना का एशियन गेम्स में पहला गोल्ड है। इससे पहले 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। इस बार उन्होंने फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर
लवलीना की यह उपलब्धि भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए भी खास है। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनी हैं। 2026 के एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजी अभियान में लवलीना समेत तीन खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल जीते। लवलीना की इस कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी और उनकी जीत को शानदार प्रदर्शन बताते हुए आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।