कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए वित्त मंत्री द्वारा घोषित “भारत विस्तार” AI टूल एक बड़ी क्रांति मानी जा रही है। देशभर में किसान भाषा की बाधा से जूझते हैं, जिसके कारण आधुनिक तकनीकी सलाह उन तक नहीं पहुंच पाती। बहुभाषी AI टूल के आने से किसान अपनी मातृभाषा में वैज्ञानिक मार्गदर्शन, मौसम चेतावनी और बाज़ार भाव जैसी महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। यह कदम खेती को अधिक स्मार्ट, कुशल और जोखिम–मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
‘भारत विस्तार’ क्या है और कैसे करेगा मदद?
वित्त मंत्री ने बताया कि “भारत विस्तार – Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources” एक मल्टी-लिंगुअल AI सिस्टम है, जो एग्री-स्टैक पोर्टल्स और ICAR के कृषि पैकेज को डिजिटल रूप में एकजुट करेगा। यह टूल फसल चयन, उर्वरक उपयोग, सिंचाई प्रबंधन, रोग–कीट पहचान और उपचार जैसे क्षेत्रों में किसान-विशिष्ट सलाह देगा। समय पर सूचना न मिलने से जो नुकसान किसान झेलते हैं, यह टूल उन्हें काफी हद तक कम करेगा और बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा।
सैंडलवुड इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने की पहल
बजट में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर भारत के प्रसिद्ध चंदन (सैंडलवुड) पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से जीवित करेगी। वर्षों से अवैध कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण चंदन उत्पादन में भारी गिरावट आई है। अब सरकार वैज्ञानिक खेती, संरक्षित क्षेत्रों के विकास और किसानों को प्रोत्साहन देकर इस मूल्यवान प्राकृतिक संपदा को पुनर्स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
उच्च मूल्य वाली फसलों के विकास को मिलेगा सरकारी बल
उच्च आय देने वाली फसलों जैसे नारियल, चंदन और अखरोट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा की है। नारियल उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए एक विशेष “Coconut Promotion Scheme” शुरू की जाएगी, जिसके तहत कम उपज देने वाले पुराने पेड़ों की जगह नई उन्नत किस्मों को लगाया जाएगा। इससे नारियल उद्योग न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक बाजार में भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
काजू और कोको को विश्वस्तरीय ब्रांड बनाने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत कच्चे काजू और कोको के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। एक समर्पित योजना के माध्यम से काजू और कोको की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड के रूप में प्रतिष्ठा दिलाई जा सके। इस पहल से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कृषि–उद्योग को नया विस्तार मिलेगा।
AI आधारित कृषि का भविष्य: कम जोखिम, अधिक उत्पादकता
“भारत विस्तार” जैसे AI टूल किसानों की खेती को विज्ञान आधारित, अधिक टिकाऊ और बाज़ार केंद्रित बनाएंगे। बदलते मौसम, अनिश्चित बाजार परिस्थितियों और बढ़ते कीट संक्रमण के बीच यह डिजिटल सहायता किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। कृषि में यह तकनीकी हस्तक्षेप भारत को भविष्य में कृषि नवाचारों का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
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