भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। इंडियन एआई रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (IAIRO) की स्थापना न केवल तकनीकी स्वावलंबन का संकेत देती है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि देश अब एआई को केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं बल्कि भविष्य के विकास का मुख्य स्तंभ बना चुका है। सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त सहयोग से तैयार यह नॉन-प्रॉफिट संगठन अगले पाँच वर्षों में 300 करोड़ रुपये की फंडिंग के साथ कार्य करेगा, जिसे गुजरात सरकार, केंद्र सरकार और इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
AI के भविष्य में भारत की निर्णायक मौजूदगी
IAIRO की शुरुआत बताती है कि भारत अब वैश्विक AI रेस में केवल एक उपभोक्ता की भूमिका नहीं निभाएगा, बल्कि उत्पादन, शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत स्थिति बनाएगा। यह संस्था उन क्षेत्रों पर केंद्रित होगी, जहां AI भविष्य में दुनिया की दिशा तय करेगा, और भारत ऐसे समय में सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
जीवन से जुड़े क्षेत्रों पर केंद्रित रिसर्च
IAIRO की प्राथमिकता ऐसे AI मॉडल विकसित करने पर होगी, जो सीधे आम लोगों की दैनिक जरूरतों को पूरा करें। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना, शिक्षा में तकनीक आधारित सुधार, कृषि में स्मार्ट समाधान, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता बढ़ाना और सामाजिक कल्याण के नए आयाम तैयार करना इसके मुख्य लक्ष्य होंगे। इस रिसर्च के लिए संस्था स्थानीय हार्डवेयर और क्लाउड तकनीक का उपयोग करेगी, जिससे भारत की जरूरतों के अनुरूप असरदार और लागत–प्रभावी AI सिस्टम तैयार किए जा सकें।
महत्वाकांक्षी लक्ष्य और नवाचार की नई राह
IAIRO ने अपनी स्थापना के साथ ही कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। इसका उद्देश्य 200 से अधिक नए AI इनोवेटर्स तैयार करना है, साथ ही 50 से ज्यादा पेटेंट फाइल करने और 30 से अधिक पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू करने की योजना भी बनाई गई है। इसके साथ 20 से ज्यादा AI आधारित स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने और 10,000 से अधिक छात्रों को एआई क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन प्रयासों के माध्यम से भारत आने वाले वर्षों में विश्वस्तरीय AI प्रतिभाओं का केंद्र बन सकता है।
वैश्विक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और मजबूत नेतृत्व
IAIRO को अनुभवी नेतृत्व प्राप्त है। इसके फाउंडिंग डायरेक्टर डॉ. अमित सेठ होंगे, जबकि इसके बोर्ड में डॉ. अजय चौधरी की मौजूदगी संगठन को मजबूत आधार प्रदान करेगी। इसके साथ ही Google DeepMind और OpenAI जैसे वैश्विक AI संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ भी इस परियोजना को अपना मार्गदर्शन दे रहे हैं। यह सहयोग भारत के एआई मानकों और शोध क्षमताओं को वैश्विक स्तर के अनुरूप विकसित करेगा।
सहयोग से बनेगा मजबूत AI इकोसिस्टम
IAIRO इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) तथा IndiaAI Mission के साथ मिलकर विशेष कार्यक्रम संचालित करेगा, जिनका उद्देश्य देश में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना है। यह सहयोग शोधकर्ताओं, युवा प्रतिभाओं और निवेशकों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देगा, जहां वे मिलकर उन्नत AI मॉडल और समाधान विकसित कर सकें।
भारत के भविष्य की नई दिशा
IAIRO की स्थापना केवल एक तकनीकी कदम नहीं बल्कि भारत के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाली पहल है। इससे न केवल तकनीकी विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत का AI मिशन दुनिया के आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य में भी प्रभावशाली भूमिका निभाएगा। यह पहल भारत को AI आधारित अर्थव्यवस्था और वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ा रही है।
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