रायपुर। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में हाल ही में आग लगने की घटना के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। आग की जांच शुरू होने से पहले ही कार्यालय परिसर स्थित स्टोर रूम को तोड़ दिए जाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस कार्रवाई ने पूरे मामले को और संदेह के घेरे में ला दिया है।
जानकारी के अनुसार, आग लगने की घटना के बाद प्रशासन द्वारा जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति को आग लगने के कारणों और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल करनी है। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जिस स्टोर रूम में आग लगी थी, उसे तोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों का सवाल है कि जांच से पहले बिल्डिंग को तोड़ने की क्या जरूरत थी। वहीं, जानकारी मिल रही है कि पुरानी और क्षतिग्रस्त बिल्डिंग को हटाकर नई बिल्डिंग बनाने की योजना है।
इस मामले को लेकर सियासत भी तेज है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कार्यालय में हुए कथित भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए जानबूझकर आग लगाई गई और अब साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से स्टोर रूम को तोड़ा गया है। फिलहाल, जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग दुर्घटनावश लगी थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।
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