Uttar Pradesh: भारतीय वायुसेना दिवस के मुख्य समारोह से पहले हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर होने वाले समारोह से पहले इसे अंतिम रिहर्सल माना जा रहा है। वायुसेना दिवस के मौके पर हर साल भारतीय वायुसेना अपनी परिचालन क्षमता, अनुशासन और हवाई शक्ति का प्रदर्शन करती है। समारोह में वायुसेना प्रमुख सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहते हैं।
8 अक्टूबर को मनाया जाएगा वायुसेना दिवस
भारतीय वायुसेना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1932 में भारतीय वायुसेना को ब्रिटिश भारतीय सशस्त्र बलों में आधिकारिक रूप से शामिल किए जाने की याद में मनाया जाता है। भारतीय वायुसेना का गठन 1932 में ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स की सहायक वायुसेना के रूप में हुआ था। इसका पहला ऑपरेशनल स्क्वाड्रन 1933 में गठित किया गया था।
आजादी के बाद हुआ बड़ा बदलाव
आजादी और देश के विभाजन के बाद भारतीय वायुसेना के संगठन में बड़े बदलाव हुए। 15 अगस्त 1947 के बाद कई इकाइयों को अलग किया गया और उनके उपकरण नवगठित रॉयल पाकिस्तान एयर फोर्स को हस्तांतरित किए गए। इसके बाद करीब 15 महीने तक चले संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपने संगठन में बदलाव के साथ आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। अभियानों की निगरानी और संचालन के लिए नई दिल्ली में एयर हेडक्वार्टर की स्थापना की गई।
20 स्क्वाड्रन की वायुसेना बनाने की थी योजना
अक्टूबर 1946 तक मौजूदा 10 रॉयल इंडियन एयर फोर्स (RIAF) स्क्वाड्रनों को बढ़ाकर 20 स्क्वाड्रन की संतुलित वायुसेना बनाने की योजना तैयार की जा चुकी थी। इसी दौरान नंबर 4 स्क्वाड्रन ने टेम्पेस्ट-2 लड़ाकू विमानों को शामिल किया, जबकि नंबर 7 और 8 स्क्वाड्रन ने स्पिटफायर विमानों की जगह टेम्पेस्ट विमानों को अपनाया।
कई प्रमुख अभियानों में निभाई भूमिका
आजादी के बाद भारतीय वायुसेना ने देश की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों में भूमिका निभाई। इनमें ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस और ऑपरेशन पूमलाई जैसे अभियान शामिल हैं। समय के साथ वायुसेना ने अपने लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों, हेलीकॉप्टरों और तकनीकी क्षमताओं में लगातार विस्तार किया है।
आधुनिक तकनीक से मजबूत हुई वायुसेना
भारतीय वायुसेना आज आधुनिक विमानों और उन्नत तकनीकी क्षमताओं से लैस है। देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के साथ-साथ वायुसेना मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वायुसेना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के जरिए जवानों के प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता, परिचालन दक्षता और देश सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया जाता है।
8 अक्टूबर को होगा मुख्य समारोह
हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर हुई फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद अब 8 अक्टूबर के वायुसेना दिवस समारोह पर सभी की नजरें रहेंगी। 94वीं वर्षगांठ के मौके पर भारतीय वायुसेना अपनी विरासत के साथ आधुनिक सैन्य क्षमता और भविष्य की तैयारियों को भी प्रदर्शित करेगी।