अयोध्या/लखनऊ: उत्तरप्रदेश के अयोध्या में 7 नवंबर को 10वां भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। दीपोत्सव के एक दशक पूरे होने के अवसर पर राम की पैड़ी सहित पूरी अवधपुरी को लाखों दीपों से रोशन करने की तैयारी है। आयोजन में 2100 स्वदेशी ड्रोन से आकाशीय शो, लेजर प्रस्तुति, सरयू आरती और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा, देश के विभिन्न राज्यों से करीब 1000 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
7 नवंबर को मनाया जाएगा अयोध्या का 10वां दीपोत्सव
अयोध्या में इस साल दीपोत्सव को खास बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर राम की पैड़ी समेत शहर के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को दीपों से सजाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि आयोजन की धार्मिक गरिमा, सांस्कृतिक परंपरा और भव्यता के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
तीन प्रमुख चरणों में होगा दीपोत्सव का आयोजन
इस वर्ष दीपोत्सव को तीन प्रमुख चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक चरण में धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को प्रदर्शित किया जाएगा।
पहला चरण: भव्य शोभायात्रा — साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें रामायण के प्रसंगों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों को दर्शाया जाएगा।
दूसरा चरण: रामकथा पार्क में कार्यक्रम — यहां प्रभु श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का प्रतीकात्मक आगमन, भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
तीसरा चरण: दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक आयोजन — इसमें सरयू आरती, राम की पैड़ी पर कलाकारों की प्रस्तुतियां, 2100 ड्रोन का शो, लेजर प्रस्तुति, हरित आतिशबाजी और अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं का मंचन होगा।
2100 ड्रोन से होगा आकाशीय शो, लेजर प्रस्तुति भी आकर्षण
दीपोत्सव के दौरान 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए विशेष आकाशीय प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 3D प्रोजेक्शन, लेजर शो और अन्य तकनीकी प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।राम की पैड़ी पर 200 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। गोंडा पुल के समीप हरित आतिशबाजी का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं के मंचन से कार्यक्रम को सांस्कृतिक रूप से और व्यापक बनाने की तैयारी है।आयोजन में करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी होगी। वहीं, सरयू आरती में 2147 प्रतिभागियों के शामिल होने की योजना है।
13 राज्यों के करीब 1000 कलाकार देंगे प्रस्तुति
इस साल दीपोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 1000 कलाकार अपनी लोककलाओं और नृत्य परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, बिहार, केरल, गोवा और तेलंगाना के कलाकार शामिल होंगे।आयोजन में 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की सहभागिता भी प्रस्तावित है। इसके अलावा, भारत में तैनात विदेशी राजदूतों और विदेशों में तैनात भारतीय राजनयिकों को आमंत्रित करने की योजना है।इससे दीपोत्सव को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सांस्कृतिक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
डिजिटल माध्यमों से 5 करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य
अयोध्या के दीपोत्सव को डिजिटल माध्यमों से व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। प्रशासन ने इस आयोजन को पांच करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।इसके लिए धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशेष आकर्षणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी को देखते हुए व्यवस्थाओं के समन्वय पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर CM योगी का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों और अयोध्या के संतों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लेने पर भी जोर दिया।श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा, आवागमन, स्वच्छता, प्रकाश और मार्गदर्शन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोजन की धार्मिक गरिमा बनाए रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
चित्रकूट के रामघाट के विकास पर भी हुई चर्चा
दीपोत्सव की समीक्षा बैठक के दौरान चित्रकूट स्थित रामघाट के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों के व्यवस्थित पुनर्वास, नालों के सुदृढ़ीकरण और तुलसी चबूतरे के विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने को कहा।