कोलकाता-हावड़ा निकाय चुनाव से पहले BJP का मेगा मंथन, पुराने कार्यकर्ताओं को तरजीह; सभी 209 वार्डों में उतारेगी उम्मीदवार
पंचलाइन: सुनील बंसल की मौजूदगी में चुनावी रणनीति पर चर्चा, साफ छवि वाले उम्मीदवारों पर जोर; गठबंधन के बजाय अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खासकर कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पार्टी की अहम बैठक हुई, जिसमें उम्मीदवारों के चयन, स्थानीय समस्याओं और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा की गई।
सुनील बंसल की मौजूदगी में चुनावी रणनीति पर मंथन
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय प्रभारी सुनील बंसल गुरुवार रात कोलकाता पहुंचे। शुक्रवार और शनिवार को उनकी राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, सुकांत मजूमदार और कोलकाता व हावड़ा के चुनावी दायित्व संभाल रहे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
पार्टी का फोकस निकाय चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर प्रभावी उम्मीदवारों की पहचान करने पर है। हावड़ा नगर निगम चुनाव को लेकर बैठक पूरी हो चुकी है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
पुराने कार्यकर्ताओं को मिलेगा मौका, साफ छवि पर जोर
हावड़ा में हुई बैठक के दौरान उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जो कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। उम्मीदवारों के चयन में उनकी राजनीतिक छवि, संगठन के प्रति योगदान और स्थानीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा, बैठक में मौजूद नेताओं से उनके क्षेत्रों की समस्याओं और जनता की शिकायतों के बारे में भी जानकारी ली गई। पार्टी नेतृत्व ने उन इलाकों की पहचान करने पर जोर दिया, जहां तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में विकास कार्यों को लेकर लोगों में असंतोष है। इन मुद्दों को चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाने की तैयारी है।
गठबंधन नहीं, अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी
हावड़ा नगर निगम चुनाव को लेकर बीजेपी की रणनीति फिलहाल अकेले चुनाव लड़ने की है। पार्टी की ओर से एनसीपीआई के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, उमेश राय के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के किसी नेता को बीजेपी का उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग पार्टी के संपर्क में आए हैं।
हालांकि, उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की ओर से लिया जाएगा। ऐसे में चुनाव से पहले टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
कोलकाता के सभी 209 वार्डों में उम्मीदवार उतारने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी कालीपूजा से पहले उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर के आखिरी दिनों या नवंबर की शुरुआत में उम्मीदवारों की सूची घोषित की जा सकती है।
कोलकाता नगर निगम के सभी 209 वार्डों में प्रत्याशी उतारने की तैयारी है। पार्टी की रणनीति संगठनात्मक मजबूती के साथ स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान के केंद्र में रखने की है।
नवंबर के अंत में हो सकते हैं निकाय चुनाव
पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक नगर निकाय चुनावों की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह संभावना जताई जा रही है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में कोलकाता, हावड़ा और बाली समेत पहले चरण के नगर निकायों में चुनाव कराए जा सकते हैं।
फिलहाल चुनाव कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में बीजेपी की बैठकों और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।