नई दिल्ली - दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली-एनसीआर में पटाखों को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर लोग त्योहार पर आतिशबाजी करने की अनुमति मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहने की संभावना पर चर्चा हो रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे जलाने की सीमित छूट मिलेगी या लोगों को पूरी तरह प्रतिबंध का पालन करना होगा। इस मामले में सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
पटाखों पर प्रतिबंध और प्रदूषण का मुद्दा
दिल्ली में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध लागू किए जाने का उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है। त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के कारण प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। दिए गए विवरण के मुताबिक, दशहरे पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया था। ऐसे में दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे फिर चर्चा में हैं। हालांकि, पटाखों पर रोक और सीमित छूट को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों और अदालत के निर्देशों से ही स्पष्ट होगी।
सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी निगाहें
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सीमित राहत दी थी। इसी वजह से इस बार भी लोग अदालत से ऐसी ही अनुमति मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
बताया गया है कि 12 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पटाखों के इस्तेमाल को लेकर ऐसा रास्ता तलाशना जरूरी है, जिससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो और प्रदूषण से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सके। इस टिप्पणी के बाद दिवाली पर संभावित छूट को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
लोगों ने समय तय करने और ग्रीन पटाखों की अनुमति देने की मांग की
दिल्ली-एनसीआर के कुछ निवासियों का कहना है कि देश के दूसरे हिस्सों में पटाखे जलाए जाते हैं, ऐसे में इस क्षेत्र में पूरी तरह रोक को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। ऑल द्वारका रेजिडेंट फेडरेशन के अजीत स्वामी ने सुझाव दिया कि आतिशबाजी के लिए एक निश्चित समय तय किया जाए और केवल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए।
इस मांग के पीछे त्योहार मनाने की परंपरा और प्रदूषण नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की सोच है। हालांकि, ग्रीन पटाखे भी प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त नहीं होते, इसलिए उनके इस्तेमाल की अनुमति मिलने पर भी नियमों का पालन महत्वपूर्ण रहेगा।
क्या इस बार मिलेगी राहत?
फिलहाल दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति को लेकर अंतिम फैसला स्पष्ट होना जरूरी है। अदालत के निर्देश, संबंधित सरकारी आदेश और प्रदूषण की स्थिति इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
जब तक आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आता, तब तक यह कहना सही नहीं होगा कि इस बार पटाखे जलाने की छूट मिलेगी या प्रतिबंध जारी रहेगा। लोगों को सलाह है कि वे दिवाली से पहले जारी होने वाले सरकारी दिशा-निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानकारी जरूर लें।