नई दिल्ली - भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 226 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए इस मैच में टीम इंडिया ने 19.4 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 230 रन बनाकर जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक लक्ष्य का पीछा करने में संजू सैमसन की विस्फोटक पारी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने महज 33 गेंदों पर 67 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम किया।
संजू सैमसन की पारी ने बदल दिया मैच का रुख
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। संजू सैमसन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी पारी ने भारतीय टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आखिरकार भारत ने दो गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने सबसे बड़े सफल रन चेज का रिकॉर्ड भी बनाया। मुकाबले के बाद सैमसन ने टीम की बल्लेबाजी की रणनीति और आक्रामक सोच को लेकर अपनी बात रखी।
लक्ष्य छोटा हो या बड़ा, नहीं बदलती टीम की सोच
मैच के बाद संजू सैमसन से पूछा गया कि अगर लक्ष्य कम होता, तो क्या भारतीय टीम की बल्लेबाजी का तरीका अलग रहता? इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य के आकार से उनकी मूल रणनीति नहीं बदलती। टीम का प्रयास रहता है कि आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए जल्द से जल्द मुकाबले पर पकड़ बनाई जाए।
हालांकि, सैमसन ने यह भी बताया कि पावरप्ले, मध्य ओवरों और आखिरी ओवरों में परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी का तरीका बदल सकता है। अगर शुरुआत अच्छी मिलती है, तो टीम उस लय का फायदा उठाकर विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करती है।
पावरप्ले में ही मैच पर कब्जा करने की कोशिश
संजू सैमसन के मुताबिक, अगर भारतीय टीम 170 रन जैसे लक्ष्य का पीछा कर रही हो और शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनने लगें, तो कोशिश रहती है कि पावरप्ले में ही मुकाबले की दिशा तय कर दी जाए। उनके अनुसार, टीम पिछले कुछ वर्षों से इसी आक्रामक रवैये के साथ खेल रही है।
उन्होंने इस सोच को किसी एक बल्लेबाज तक सीमित नहीं बताया। सैमसन के मुताबिक, अभिषेक शर्मा सहित टीम के सभी खिलाड़ी निडर होकर खेलने और उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने पर जोर देते हैं। इस रणनीति का उद्देश्य विरोधी टीम को शुरुआती चरण में ही दबाव में लाना है।
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद जारी है आक्रामक अंदाज
सैमसन ने कहा कि 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से भारतीय टीम इसी तरह के निडर क्रिकेट को आगे बढ़ा रही है। टीम को जिस रणनीति से फायदा मिल रहा है, वह उसी पर भरोसा बनाए रखना चाहती है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में भारत का प्रदर्शन इसी सोच का उदाहरण रहा। बड़े लक्ष्य के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने रन गति बनाए रखी और जीत हासिल की। अब टीम की कोशिश अगले मैचों में भी इसी लय को बरकरार रखने की होगी।