लखनऊ। उत्तरप्रदेश में पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रदेश की 10 नदियां उफान पर हैं, जबकि लखनऊ और सीतापुर समेत 11 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ रहा है।फैजुल्लागंज इलाके में करीब 40 हजार घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हनुमंत धाम और मंदिर परिसर में घुसा पानी
लखनऊ में बाढ़ का असर धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच गया है। मां चंद्रिका देवी मंदिर और हनुमंत धाम परिसर पानी में डूब गया है।लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक भी पानी पहुंच गया है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक करीब 20 साल बाद गर्भगृह में इस तरह पानी पहुंचा है। इससे पहले 2006 में ऐसे हालात देखने को मिले थे। गोमती नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर लखनऊ के निचले इलाकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
गोंडा में नदी के कटान से 2 बीघा फसल बही
गोंडा में सरयू नदी का कटान तेज हो गया है। नदी के कटाव की वजह से किसानों को नुकसान हुआ है। करीब 2 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई।नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान से आसपास के किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
8 जिलों में आंधी-बारिश, बाराबंकी-सुल्तानपुर में ओले
सोमवार देर शाम उत्तरप्रदेश के 8 जिलों में आंधी और बारिश हुई। बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में ओले भी गिरे।तेज आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। इसका असर बिजली आपूर्ति और जनजीवन पर भी पड़ा। वहीं, खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा और कई जगह फसलें गिर गईं।
आज 33 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज उत्तरप्रदेश के 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम में बदलाव के बीच कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
यूपी से मानसून की वापसी, फिर क्यों हो रही बारिश?
उत्तरप्रदेश से मानसून की वापसी हो चुकी है, लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश के ऊपर बारिश का एक नया सिस्टम बना है।इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं प्रदेश की ओर आ रही हैं। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है और करीब एक सप्ताह तक बारिश की संभावना बनी रह सकती है।वैज्ञानिक के अनुसार इस दौरान कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
एक हफ्ते तक बारिश की संभावना
नया मौसम सिस्टम और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के प्रभाव के चलते प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में पहले से बाढ़ और जलभराव से प्रभावित इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।नदियों के जलस्तर, कटान और बारिश को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बनाए रखने की जरूरत है।