लखनऊ: सर्दियों में घने कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कमर कस ली है। प्रदेश के पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच एक्सप्रेसवे पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
यूपीडा की ओर से आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर सर्दियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इन मार्गों पर कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने और वाहन चालकों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
1 नवंबर से लागू होगी स्पीड लिमिट
सर्दियों में सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित गति सीमा लागू रहेगी। घने कोहरे के दौरान दृश्यता कम होने पर वाहनों की रफ्तार और घटाई जाएगी, ताकि चालक सामने चल रहे वाहनों और सड़क पर मौजूद बाधाओं को समय रहते देख सकें।
कोहरा गश्ती दल रहेंगे तैनात
एक्सप्रेसवे पर कोहरे के दौरान निगरानी बढ़ाने के लिए विशेष गश्ती दल तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में यात्रियों को जल्द सहायता मिल सके।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
यूपीडा ने सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन तैयारियों का उद्देश्य कोहरे के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना और एक्सप्रेसवे पर यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है।
31 अक्टूबर तक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य
सर्दियों के मौसम में सड़क सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए सभी संबंधित व्यवस्थाओं को 31 अक्टूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। 1 नवंबर से सुरक्षा संबंधी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।