झारग्राम: पश्चिम बंगाल के झारग्राम में जमीन पर कथित कब्जे के विवाद से जुड़े 13 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। झारग्राम की द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने सोमवार को बुजुर्ग महिला साबित्री सरकार की जलाकर हत्या के मामले में पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद गौरांग प्रधान समेत आठ आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत मंगलवार को दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। मामला 28 मई 2013 का है। झारग्राम के बेनागेड़िया इलाके में जमीन पर कथित जबरन कब्जे को लेकर विवाद के दौरान साबित्री सरकार को आग के हवाले किए जाने का आरोप लगा था। गंभीर रूप से झुलसी हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई।
जमीन कब्जे के विवाद में बुजुर्ग महिला को जलाने का आरोप
अदालत के सूत्रों के मुताबिक, झारग्राम शहर के बेनागेड़िया की रहने वाली साबित्री सरकार की जमीन पर कथित तौर पर जबरन कब्जे की कोशिश की गई थी। इसी विवाद को लेकर 28 मई 2013 को उनके साथ झगड़ा हुआ और इसी दौरान उनके शरीर पर आग लगाए जाने का आरोप है। गंभीर हालत में उन्हें बचाकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। मामले में मृतका के छोटे बेटे संजय सरकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन के नेता गौरांग प्रधान समेत अन्य लोगों के नाम थे। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी थी।
13 साल चला मुकदमा, 10 आरोपियों में एक की मौत और एक बरी
इस मामले की सुनवाई करीब 13 वर्षों तक चली। ट्रायल के दौरान 10 आरोपियों में से एक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य आरोपी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। इसके बाद बाकी आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। सोमवार को द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने इन आठों को दोषी करार दिया। दोषी ठहराए जाने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गौरांग प्रधान अब पूर्व TMC पार्षद
इस मामले में दोषी करार दिए गए गौरांग प्रधान का राजनीतिक जुड़ाव तृणमूल कांग्रेस से रहा है। वह 2022 के नगरपालिका चुनाव में झारग्राम नगरपालिका के वार्ड नंबर 2 से तृणमूल के प्रतिनिधि के रूप में चुने गए थे। बाद में नगरपालिका बोर्ड भंग होने के बाद वह पूर्व पार्षद हो गए।
परिवार ने फैसले पर जताई संतुष्टि
अदालत के फैसले के बाद साबित्री सरकार के परिवार ने संतोष जताया। परिवार के लिए यह फैसला 13 साल लंबे कानूनी इंतजार के बाद आया है। हालांकि, दोषियों को कितनी सजा मिलेगी, इसका फैसला अदालत मंगलवार को करेगी। फिलहाल अदालत के फैसले में आठों आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि सजा की अवधि का ऐलान होना बाकी है।