नंदीग्राम: नंदीग्राम में संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच आईएसएफ से निष्कासित नेता अफजल शाह भाजपा के प्रचार अभियान में नजर आए हैं। पांशकुड़ा पश्चिम से आईएसएफ के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अफजल शाह ने नंदीग्राम के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भाजपा नेताओं के साथ बैठकें कीं और पार्टी के पक्ष में प्रचार किया। अफजल शाह को इससे पहले सुवेंदु अधिकारी के समर्थन में अपने कार्यालय के बाहर होर्डिंग लगाने के बाद आईएसएफ से निष्कासित किए जाने की बात सामने आई थी। अब उनके भाजपा के साथ सार्वजनिक रूप से सक्रिय होने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी औपचारिक भाजपा सदस्यता की पुष्टि अलग से नहीं मिलती, इसलिए फिलहाल इसे भाजपा के प्रचार अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है।
मोहम्मदपुर में अल्पसंख्यक इलाकों में बैठक
बुधवार से अफजल शाह ने नंदीग्राम-1 ब्लॉक के मोहम्मदपुर इलाके में स्थानीय लोगों और अल्पसंख्यक समुदाय के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें शुरू कीं। इस दौरान भाजपा के जिला महासचिव मेघनाद पाल, मंडल-1 अध्यक्ष धनंजय घड़ा समेत कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। दिवंगत तृणमूल नेता कुरबान शाह के पूर्व सहयोगी इमरान अली के भी इस अभियान में अफजल शाह के साथ नजर आने का दावा किया गया है। भाजपा नेताओं की मौजूदगी में हुई इन बैठकों को नंदीग्राम के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।अफजल शाह की भूमिका इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पहले आईएसएफ के साथ सक्रिय रहे हैं और पांशकुड़ा पश्चिम से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
कुरबान शाह की हत्या के बाद सुवेंदु अधिकारी से जुड़ा परिवार
अफजल शाह का राजनीतिक सफर दिवंगत तृणमूल नेता कुरबान शाह के परिवार से भी जुड़ा रहा है। उनके समर्थकों के अनुसार, 2019 में कुरबान शाह की हत्या के बाद तत्कालीन तृणमूल नेता सुवेंदु अधिकारी ने परिवार का साथ दिया था। बाद में सुवेंदु अधिकारी के भाजपा में जाने के दौरान अफजल शाह भी भाजपा के साथ गए थे। हालांकि, बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर आईएसएफ का रुख किया। अब एक बार फिर भाजपा के कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता ने उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। नंदीग्राम में प्रचार के दौरान अफजल शाह ने सुवेंदु अधिकारी को अपने परिवार का ‘अभिभावक’ बताते हुए उनके निर्देश पर इलाके में प्रचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नंदीग्राम के विकास को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
भाजपा ने तृणमूल पर साधा निशाना
भाजपा के जिला महासचिव मेघनाद पाल ने अफजल शाह की मौजूदगी को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उनका दावा है कि कुरबान शाह के परिवार ने अतीत में जिन राजनीतिक परिस्थितियों का सामना किया, उससे क्षेत्र की राजनीति को समझने में मदद मिलती है। वहीं, अफजल शाह के भाजपा प्रचार में उतरने को नंदीग्राम के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पार्टी की राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इससे किसी व्यापक मतदाता रुझान का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। नंदीग्राम में अफजल शाह की सक्रियता के साथ एक और सवाल अहम हो गया है—क्या वह आगे चलकर औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होंगे या फिलहाल केवल पार्टी के प्रचार अभियान तक सीमित रहेंगे। इस पर उनकी ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है।