कोलकाता : राजनीतिक जीवन की भागदौड़ और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अक्सर नेताओं की कलात्मक और सृजनात्मक शख्सियत पीछे छूट जाती है। लेकिन पश्चिम बंगाल की कैबिनेट मंत्री और प्रमुख नेता अग्निमित्रा पाल ने यह साबित कर दिया है कि भीतर का कलाकार कभी पूरी तरह ओझल नहीं होता। सक्रिय राजनीति में आने से पहले एक सफल और प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रहीं अग्निमित्रा पाल ने हाल ही में शहर कोलकाता को सजाने के अभियान के तहत अपने पुराने दिनों की याद ताजा की। राजनीतिक व्यस्तताओं से थोड़ा वक्त निकालकर उन्होंने खुद अपने हाथों से कोलकाता की सड़कों पर पारंपरिक अलपना (Alpana Art) उकेरी, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
फैशन डिजाइनिंग से राजनीतिक सफर तक का रोमांचक सफर
एक समय था जब अग्निमित्रा पाल की पहचान देश के जाने-माने फैशन डिजाइनरों में होती थी, और रंग-तुलिका उनके जीवन का रोजमर्रा का हिस्सा हुआ करती थी। कपड़ों की नई डिजाइनिंग, रंगों के साथ प्रयोग और कलात्मक सृजन ही उनकी दुनिया थी। हालांकि, राजनीति के मैदान में कदम रखने और लगातार बढ़ती जन-जिम्मेदारियों के बाद उनके लिए अपने इस पुराने शौक और कला के वास्ते समय निकालना काफी मुश्किल हो गया था। लेकिन कला और सृजन के प्रति उनका पुराना लगाव एक बार फिर तब नजर आया जब उन्होंने कोलकाता की सड़कों को सुंदर बनाने के इस अनूठे काम में खुद हिस्सा लिया।
सड़क बनी क캔वास, हाथों में उठी तूलिका
किसी फैशन शो के रैंप या कपड़ों के कैटलॉग की बजाय इस बार उनका क캔वास सीधे कोलकाता की डामर वाली सड़कें थीं। मंत्री बनने के बाद प्रशासनिक बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के बीच जब उन्हें शहर को संवारने का मौका मिला, तो वह खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने ब्रश और रंगों का डिब्बा उठाया और पारंपरिक बंगाली शैली में सुंदर अलपना बनानी शुरू कर दी। इस अनूठी पहल ने यह दिखा दिया कि एक राजनेता के तौर पर उनकी सख्त छवि के पीछे आज भी एक संवेदनशील और निपुण कलाकार जीवित है।
राजनीतिक पहचान से परे दिखा सृजनात्मक रूप
अग्निमित्रा पाल का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। आम नागरिकों से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं तक ने उनके इस रचनात्मक प्रयास की खूब सराहना की है। प्रशासनिक व्यस्तताओं और राजनीतिक बहसों से दूर, रंगों के बीच रमी एक मंत्री की यह तस्वीर इस बात की गवाही देती है कि कला प्रेम कभी उम्र या ओहदे के साथ खत्म नहीं होता। कोलकाता की सड़कों पर उकेरी गई यह अलपना सिर्फ शहर की खूबसूरती में चार चांद नहीं लगा रही, बल्कि यह किसी कलाकार के अपनी पुरानी और पहली मोहब्बत के पास लौटने की एक बेहद खूबसूरत दास्तां भी है।