कोलकाता: बागुईआटी इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता को निशाना बनाकर अंडे फेंके जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आरोप है कि रात के समय कुछ लोगों ने तृणमूल नेता संदीप बागुई उर्फ गोपाल को घेर लिया और उन पर अंडे फेंके। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। संदीप बागुई को तृणमूल नेता देवराज चक्रवर्ती का करीबी माना जाता रहा है। वह राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि, घटना को लेकर अभी सभी पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
रात के समय संदीप बागुई को बनाया गया निशाना
जानकारी के मुताबिक, घटना बागुईआटी इलाके में रात के समय हुई। आरोप है कि कुछ लोगों ने संदीप बागुई को निशाना बनाते हुए उन पर अंडे फेंके। इस घटना को स्थानीय स्तर पर ‘एग थेरेपी’ का नाम दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था। हालांकि, इस दौरान किसी बड़ी हिंसा की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के पीछे राजनीतिक वजह होने की चर्चा भी हो रही है। मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
देवराज चक्रवर्ती के करीबी माने जाते हैं संदीप बागुई
संदीप बागुई उर्फ गोपाल का नाम राजारहाट-गोपालपुर की स्थानीय राजनीति में सामने आता रहा है। उन्हें तृणमूल नेता देवराज चक्रवर्ती का करीबी माना जाता है। संदीप बागुई राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। स्थानीय संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। यही वजह है कि उनके खिलाफ हुई इस कथित कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, हमले के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
2021 की चुनावी हिंसा से जुड़ा है विवाद
संदीप बागुई पर 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। आरोप है कि उस समय तृणमूल कांग्रेस ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी। जीत के बाद इलाके में राजनीतिक टकराव और हिंसा के कई आरोप सामने आए थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट को लेकर संदीप बागुई का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। अब उनके साथ हुई कथित ‘एग थेरेपी’ की घटना को कुछ लोग उसी पुराने राजनीतिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
बागुईआटी में तृणमूल नेता को निशाना बनाकर अंडे फेंके जाने की घटना के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। घटना को लेकर तृणमूल और विपक्षी खेमे के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन सकती है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि आखिर संदीप बागुई को किसने और किस वजह से निशाना बनाया। फिलहाल घटना के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी भी सामने आना बाकी है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही साफ हो सकेगी।