कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में माओवादी संगठन के तीन नेता-नेत्रियों ने आत्मसमर्पण किया है। बुधवार को बांकुड़ा पुलिस लाइन के कॉन्फ्रेंस हॉल में राज्य पुलिस के एडीजी आनंद कुमार के सामने जवा महतो, नयनतारा साहू और रामप्रसाद मांडी उर्फ सचिन ने हथियार जमा कर आत्मसमर्पण किया।
जवा महतो और नयनतारा साहू जोनल कमेटी की सदस्य
पुलिस के अनुसार, जवा महतो और नयनतारा साहू माओवादी संगठन की जोनल कमेटी की सदस्य थीं। वहीं, रामप्रसाद मांडी उर्फ सचिन बंगाल-झारखंड-ओडिशा रीजनल कमेटी का कमांडर था। तीनों वर्ष 2006 के आसपास माओवादी संगठन में शामिल हुए थे।
तीनों पर 80 से ज्यादा मामले
पुलिस का दावा है कि आत्मसमर्पण करने वाले तीनों माओवादी नेताओं के खिलाफ पश्चिम बंगाल समेत पड़ोसी राज्यों में 80 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें राजद्रोह, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, झारखंड में रामप्रसाद मांडी उर्फ सचिन पर 15 लाख रुपये और जवा महतो पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
INSAS, AK-47 समेत हथियार जमा
आत्मसमर्पण के दौरान तीनों ने पुलिस को दो INSAS राइफल, एक AK-47, 10 मैगजीन और 154 राउंड कारतूस सौंपे। पुलिस के मुताबिक, इनमें से कुछ हथियार अलग-अलग मौकों पर पुलिस से छीने गए थे।
‘जंगल का जीवन छोड़ मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं’
आत्मसमर्पण करने वाले तीनों माओवादी नेताओं का कहना है कि जंगमहल क्षेत्र के प्रति कथित वंचना की वजह से उन्होंने हथियार उठाए थे और जंगल का जीवन चुना था। हालांकि, अब उन्हें महसूस हुआ है कि सशस्त्र आंदोलन के जरिए मांगों को पूरा करने का रास्ता सही नहीं है। इसी वजह से वे हथियार और जंगल का जीवन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं।

पुनर्वास पैकेज के लिए स्क्रीनिंग कमेटी से करेंगे अपील
राज्य पुलिस के एडीजी आनंद कुमार ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले तीनों लोगों को सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास योजना का लाभ दिलाने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष आवेदन किया जाएगा। देशभर में माओवादी विरोधी अभियान के बीच बांकुड़ा में तीन माओवादी नेताओं का यह आत्मसमर्पण पुलिस के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।