कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुरुआती रुझानों में मजबूत बढ़त बना ली है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जारी मतगणना के दौरान नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार हासिरानी रथ और रेजीनगर में पार्टी प्रत्याशी शंखरव सरकार अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं। दोनों सीटों पर मुकाबले के नतीजों पर राज्य की सियासत की नजरें टिकी हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सुबह 11:15 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नंदीग्राम में हासिरानी रथ को 34,820 वोट मिले थे और वह कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से 27,450 मतों से आगे थीं। वहीं, रेजीनगर में शंखरव सरकार 20,415 वोटों के साथ बढ़त बनाए हुए थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद को 3,865 वोट मिले थे। दोनों सीटों पर मतगणना के कुल 15 राउंड निर्धारित थे और उस समय गिनती पूरी नहीं हुई थी।
नंदीग्राम में हासिरानी रथ की बड़ी बढ़त
नंदीग्राम सीट पर बीजेपी की बढ़त राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने के बाद नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराना पड़ा। बीजेपी ने इस सीट से हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया। मतगणना के शुरुआती चरणों में उन्होंने कांग्रेस के मिलन प्रधान सहित अन्य प्रत्याशियों पर बड़ी बढ़त बना ली। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11:15 बजे तक तीन राउंड की स्थिति में हासिरानी रथ को 34,820 वोट मिले थे, जबकि मिलन प्रधान के खाते में 7,370 वोट आए थे। हालांकि, मतगणना पूरी होने से पहले जीत के अंतर या किसी पुराने रिकॉर्ड के टूटने को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आगे के राउंड में मतों का अंतर कितना बदलता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
रेजीनगर में भी बीजेपी उम्मीदवार आगे
मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी उम्मीदवार शंखरव सरकार ने शुरुआती रुझानों में मजबूत बढ़त बनाई। इस सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सुबह 11:15 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शंखरव सरकार को 20,415 वोट मिले थे। आम जनता उन्नयन पार्टी के गुलाम नबी आजाद 3,865 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफ़ी को 1,291 और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी को 753 वोट मिले थे। रेजीनगर में बीजेपी की बढ़त इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की उल्लेखनीय भूमिका रही है। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों के आधार पर मतदाताओं के मतदान व्यवहार या किसी खास मुद्दे के प्रभाव के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
विपक्षी दलों के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा
दोनों सीटों पर उपचुनाव राज्य की नई राजनीतिक परिस्थितियों में हो रहे हैं। नंदीग्राम में बीजेपी की बढ़त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जबकि रेजीनगर के रुझान विभिन्न विपक्षी दलों के बीच चुनावी मुकाबले की तस्वीर पेश कर रहे हैं। रेजीनगर में तृणमूल कांग्रेस, लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, वामपंथी दलों और आम जनता उन्नयन पार्टी समेत कई दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। अलग-अलग दलों की मौजूदगी से मतों का बंटवारा किस हद तक हुआ है, इसका आकलन अंतिम नतीजों और प्रत्याशियों को मिले कुल मतों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
मतगणना पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
नंदीग्राम और रेजीनगर में शुरुआती रुझान बीजेपी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अंतिम परिणाम घोषित होने तक दोनों सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया जारी रहेगी। अंतिम नतीजों से ही यह स्पष्ट होगा कि बीजेपी अपनी बढ़त को जीत में बदल पाती है या नहीं और दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर कितना रहता है।