कोलकाता: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब पश्चिम बंगाल में भी 'डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' स्थापित करने की दिशा में राजनीतिक और औद्योगिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य जल्द ही नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बंगाल में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए एक समर्पित कॉरिडोर विकसित करने की मांग करेंगे। सूत्रों के अनुसार, एनआरआई (प्रवासी भारतीय) और देश के कई प्रमुख औद्योगिक समूह बंगाल में रक्षा विनिर्माण इकाइयां लगाने में रुचि दिखा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में रक्षा उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर नए उद्योग व रोजगार के अवसर पैदा करना है।
आत्मनिर्भर भारत और रोजगार पर केंद्रित रणनीति
समिक भट्टाचार्य की इस मांग का मूल आधार केंद्र सरकार का 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यदि बंगाल को रक्षा उत्पादन के नक्शे पर मजबूती से उभारा जाए, तो इससे न केवल भारतीय रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। प्रवासी उद्योगपतियों का रुझान यह संकेत देता है कि पश्चिम बंगाल में रक्षा उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा सकता है।
3,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू
बंगाल में रक्षा विनिर्माण का आधार तैयार करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। गत 23 अगस्त को राज्य में गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और 'यंत्र इंडिया' की पांच विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। लगभग 3,500 करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्ट्स के जरिए जहाजों के निर्माण, मरम्मत और उन्नत सैन्य उपकरणों के उत्पादन की क्षमता बढ़ाई जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को भारी बढ़ावा मिलेगा।
जूनपुट में डीआरडीओ का मिसाइल परीक्षण केंद्र
समुद्री और रणनीतिक सुरक्षा के लिहाज से पूर्व मेदिनीपुर जिले के जूनपुट में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के मिसाइल परीक्षण केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 8.73 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा यह बुनियादी ढांचा ओडिशा के चांदीपुर परीक्षण केंद्र के पूरक (कम्प्लीमेंट्री) के रूप में कार्य करेगा। इससे बंगाल की तटीय सीमा पर रणनीतिक अनुसंधान और रक्षा परीक्षण की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
भूमि और सहयोग देने का राज्य सरकार का आश्वासन
राज्य में बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को देखते हुए भूमि उपलब्ध कराने को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी बड़े रक्षा विनिर्माण प्रोजेक्ट के लिए जमीन की समस्या आड़े नहीं आएगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में आवश्यक भूमि और हर संभव प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।