कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM की उपलब्धता को लेकर संकट खड़ा हो गया है। राज्य चुनाव आयोग ने मशीनों की कमी का हवाला देते हुए एक बार फिर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। आयोग के मुताबिक, विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े कई मामले अदालत में लंबित हैं और इन मामलों में इस्तेमाल हुई EVM व अन्य चुनावी सामग्री को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में आगामी निकाय चुनावों के लिए पर्याप्त संख्या में EVM उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।
नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित हैं नगर निकाय चुनाव
राज्य चुनाव आयोग ने अदालत को बताया है कि नवंबर और दिसंबर के दौरान राज्य की कई नगरपालिकाओं में चुनाव प्रस्तावित हैं। मौजूदा तैयारियों के अनुसार कोलकाता और हावड़ा नगर निगम समेत सात शहरी निकायों में नवंबर के आखिरी सप्ताह में मतदान कराने की तैयारी चल रही है। इनमें बाली, हल्दिया, धूपगुड़ी, कालिम्पोंग और कर्सियांग नगरपालिका भी शामिल हैं। इन चुनावों के लिए करीब 6,301 मतदान केंद्रों की तैयारी की जा रही है। आयोग पहले ही चुनावी तैयारियों को लेकर जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर चुका है और EVM की जांच व भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
कानूनी मामलों के चलते सुरक्षित रखी गईं EVM
आयोग की परेशानी की मुख्य वजह विधानसभा चुनाव से जुड़े लंबित चुनावी मामले हैं। अदालत के निर्देशों के तहत कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में इस्तेमाल की गई EVM, कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT मशीनों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित चुनावी सामग्री को याचिका के अंतिम निपटारे तक सुरक्षित रखने का प्रावधान लागू हो सकता है। इससे राज्य चुनाव आयोग के पास आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए उपलब्ध मशीनों की संख्या प्रभावित हो रही है। आयोग का कहना है कि यदि सुरक्षित रखी गई मशीनें समय पर रिलीज नहीं होती हैं, तो निकाय चुनावों की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
लंबित याचिकाओं के जल्द निपटारे की अपील
राज्य चुनाव आयोग ने कलकत्ता हाईकोर्ट से लंबित चुनावी याचिकाओं और मुकदमों के जल्द निपटारे का अनुरोध किया है। आयोग का कहना है कि इन मामलों के निपटारे के बाद ही अदालत के निर्देश पर सुरक्षित रखी गई EVM को रिलीज कराने का रास्ता साफ हो सकता है। चुनाव आयोग के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त संख्या में मशीनों की व्यवस्था करना है। आयोग ने अदालत को बताया कि समय पर EVM उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में चुनावी कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। इसलिए मामले पर जल्द सुनवाई और आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट में मंगलवार को हो सकती है सुनवाई
EVM की कमी का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष रखा गया है। आयोग ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि निकाय चुनावों की तैयारियों को समय पर पूरा किया जा सके। अदालत की ओर से इस याचिका पर अगले मंगलवार सुनवाई किए जाने का संकेत दिया गया है। अब सुनवाई के दौरान EVM को सुरक्षित रखने वाले पुराने मामलों और आगामी नगर निकाय चुनावों की जरूरतों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आयोग को उम्मीद है कि अदालत के निर्देश के बाद चुनाव के लिए जरूरी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।