कोलकाता: पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठन के पुनर्गठन और 'एक व्यक्ति, एक पद' की नीति के तहत युवा मोर्चा के नेतृत्व में बदलाव किया गया है। 25 सितंबर को जारी विज्ञप्ति के साथ ही अमता से पार्टी विधायक अमित सामंत को तत्काल प्रभाव से राज्य युवा मोर्चा का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार में मंत्री बने पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष इंद्रनील खां को सांगठनिक पद से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, सांगठनिक बाध्यताओं के कारण पद बदलने के बावजूद भाजपा अपने सबसे प्रमुख और शिक्षित 'युवा चेहरे' के रूप में पेशे से कैंसर चिकित्सक इंद्रनील खां को ही आगे रख रही है।
पद बदलने के बाद भी केंद्रीय कार्यक्रमों में मुख्य भूमिका
युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर अमित सामंत की नियुक्ति के बाद 27 और 28 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिम बंगाल दौरे पर इंद्रनील खां की सक्रियता प्रमुखता से दिखाई दी। 28 सितंबर को कोलकाता में आयोजित 'युवा भारत संवाद' कार्यक्रम के मुख्य आयोजक के रूप में इंद्रनील खां ही आगे रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष के व्यस्त कार्यक्रम और मुख्यमंत्री द्वारा अगले 'युवा भारत संवाद' के आयोजन की जिम्मेदारी भी इंद्रनील को सौंपे जाने के बाद पार्टी में यह चर्चा तेज है कि वे भले ही कागजों पर अध्यक्ष न हों, लेकिन संगठन में उनका प्रभाव यथावत रहेगा।
सरकार और संगठन में तालमेल की नई रणनीति
भाजपा सूत्रों के अनुसार, इंद्रनील खां को खेल एवं युवा कल्याण विभाग का प्रभार सोच-समझकर दिया गया है। प्रारंभ में उनके स्वास्थ्य मंत्री बनने की अटकलें थीं, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग दूसरे कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय को सौंपा गया और युवा वर्ग से जुड़ाव को देखते हुए इंद्रनील को युवा कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। पार्टी का एक धड़ा यह भी तर्क दे रहा है कि 'युवा भारत संवाद' जैसे कार्यक्रम सीधे युवा कल्याण विभाग से जुड़े हैं, इसलिए मंत्री होने के नाते इंद्रनील ही इसके प्रमुख आयोजक के रूप में सामने आ रहे हैं
नए और पुराने नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय
आमतौर पर अध्यक्ष बदलने के बाद संगठन में तनाव देखा जाता है, लेकिन इस बार 29 सितंबर को जिम्मेदारी के हस्तांतरण के समय पूर्व और वर्तमान नेतृत्व के बीच अभूतपूर्व तालमेल देखने को मिला। नए अध्यक्ष अमित सामंत और इंद्रनील खां के बीच लंबे समय से करीबी संबंध रहे हैं। दोनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में एक साथ काम कर चुके हैं। इंद्रनील के कार्यकाल में अमित सामंत ने पहले महासचिव और फिर उपाध्यक्ष के रूप में काम किया था, जिससे दोनों के बीच आपसी सहमति और तालमेल बना हुआ है।
केंद्रीय नेतृत्व की पसंद और सांगठनिक उपलब्धियां
इंद्रनील खां के कार्यकाल के दौरान चलाए गए 'बजट टॉक' और 'ग्राम चलो' जैसे अभियानों की केंद्रीय नेतृत्व ने खुलकर सराहना की थी और अन्य राज्यों को भी इन्हें अपनाने की सलाह दी थी। इसके अलावा, उनके कार्यकाल में पहली बार पश्चिम बंगाल भाजपा युवा मोर्चा मंडल स्तर तक अपनी समितियां गठित करने में सफल रहा। राजनीति में पढ़े-लिखे और स्वच्छ छवि वाले युवाओं को आकर्षित करने की भाजपा की रणनीति के तहत इंद्रनील खां संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण चेहरा बने रहेंगे।