कोलकाता: डेंगू जागरूकता अभियान में पहुंचीं पश्चिम बंगाल की पुर एवं नगरीय विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल को सोमवार को अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ा। कोलकाता के चिटपुर इलाके में डेंगू रोकथाम के लिए आयोजित नगर निगम के विशेष जागरूकता कार्यक्रम के बाद जब मंत्री वहां से रवाना होने लगीं, तभी अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों के एक वर्ग ने उनकी गाड़ी को घेरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दैनिक भत्ता बढ़ाने और वेतन ढांचे में बदलाव की मांग
प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी और वेतन संरचना के पुनर्मूल्यांकन की मांग को लेकर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं सामने रखते हुए नारेबाजी भी की। इसके बाद अग्निमित्रा पाल ने गाड़ी में बैठे-बैठे ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
‘हर दिन सिर्फ 303 रुपये मिलते हैं’
अग्निमित्रा पाल ने अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों को मिलने वाले दैनिक भत्ते का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें फिलहाल प्रतिदिन 303 रुपये मिलते हैं। मंत्री ने वेतन बढ़ाने के प्रयास का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें प्रतिदिन सिर्फ 303 रुपये मिलते हैं। हम निश्चित तौर पर उनका वेतन बढ़ाने की कोशिश करेंगे। इस सरकार के कार्यकाल में किसी का वेतन बंद नहीं हुआ है और न ही होगा। वेतन बढ़ेगा।”
‘राज्य के खजाने की स्थिति भी देखनी होगी’
हालांकि, वेतन बढ़ोतरी को लेकर मंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति का भी हवाला दिया। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि किसी भी फैसले से पहले राज्य के खजाने की स्थिति को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने पिछली सरकार पर कर्ज छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की ओर से कई सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
‘महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये की सहायता’
अग्निमित्रा पाल ने कहा, “राज्य के खजाने की स्थिति क्या है, यह देखते हुए फैसला लेना होगा। पिछली सरकार कर्ज छोड़कर गई है। हम महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये दे रहे हैं। इसके अलावा कई योजनाएं चल रही हैं। राज्य के खजाने की स्थिति को भी देखना होगा।”
मांगों पर विचार का आश्वासन
मंत्री ने अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया है। हालांकि, वेतन और भत्ते को लेकर अंतिम फैसला राज्य की आर्थिक क्षमता और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर किए जाने की बात कही गई है।