पश्चिम बंगाल: के खड़गपुर शहर में शनिवार को एक पार्टी कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने ऐलान किया कि खड़गपुर में अब किसी भी तरह का माफ़िया राज और गुंडागर्दी नहीं चलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में खड़गपुर नगरपालिका पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपना बोर्ड बनाएगी। मंत्री ने कहा कि जनता ने कांग्रेस, वामदल और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का शासन और भ्रष्टाचार देख लिया है, और अब जनता बदलाव चाहती है जिसे केवल बीजेपी ही पूरा कर सकती है।
खड़गपुर से माफ़िया और गुंडाराज खत्म होने का दावा
खड़गपुर के 3 नंबर वार्ड में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए दिलीप घोष ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने दावा किया कि इलाके से रंगदारी (तोलाबाजी), माफ़िया राज और नशीले पदार्थों का कारोबार पूरी तरह बंद हो चुका है और डर के मारे अपराधी शहर छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई दोबारा माफ़ियागिरी चलाने की कोशिश करेगा, तो उसे पुलिस की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर पर समीक्षा के निर्देश
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंत्री ने संगठन की मजबूती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि हर बूथ के कार्यकर्ता जनता के साथ सीधा संपर्क बढ़ाएं। पिछले चुनावों में जहां पार्टी को कम वोट मिले हैं, उन इलाकों की समीक्षा करने को कहा गया है ताकि कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपनी समस्याएं सीधे पार्टी कार्यालय में बताएं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
पूजा से पहले सड़कों की मरम्मत और अवैध कब्जे पर सख्ती
शहर के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए दिलीप घोष ने घोषणा की कि आगामी दुर्गा पूजा से पहले खड़गपुर शहर की हर सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी। राज्य सरकार और रेलवे मिलकर अपने-अपने इलाकों के रास्तों को सुधारेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कों या नालों पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा नाली बंद करके निर्माण करने से पड़ोस के सैकड़ों लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगरपालिका की अंदरूनी कलह और राजनीतिक समीकरण
गौरतलब है कि वर्तमान में खड़गपुर नगरपालिका टीएमसी के नियंत्रण में है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तृणमूल पार्षद दो गुटों (ममता समर्थक और ऋतब्रत समर्थक) में बंटे हुए हैं। हाल ही में ऋतब्रत गुट की ओर से नगरपालिका में अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया है। ऐसे में मंत्री दिलीप घोष के इस बयान और बीजेपी की सक्रियता से खड़गपुर की स्थानीय राजनीति में सरगर्मी काफी तेज हो गई है।