कोलकाता: पश्चिम बंगाल में महालया के साथ दुर्गापूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने कोलकाता के इको पार्क, न्यू टाउन में महालया के अवसर पर राज्य में बन रहे उत्सवी माहौल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बार दुर्गापूजा के उत्सव को लेकर शहर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। कोलकाता को शारदीय उत्सव के रंग में सजाया जा रहा है और पूजा के इतिहास को लोकप्रिय संस्कृति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
महालया की चंडीपाठ और पुराने दिनों की यादों का किया जिक्र
दिलीप घोष ने कहा कि सुबह करीब साढ़े चार बजे से ही सड़कों, घरों और मोहल्लों में महालया के गीत और चंडीपाठ सुनाई देने लगे थे। उन्होंने इसे अपने बचपन की यादों से जोड़ते हुए कहा कि शहर में चारों ओर शारदीय संगीत सुनाई दे रहा है। उनके मुताबिक, दुर्गापूजा के लिए जिस उत्साहपूर्ण माहौल की जरूरत थी, वह अब बनता दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा के आयोजनों के जरिए बंगाल की संस्कृति और दुर्गापूजा के इतिहास को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। उनके अनुसार, एक आयोजन में 60 से 70 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से इसे दुनियाभर के लोग देख सकेंगे।
CJP आंदोलन को लेकर बोले दिलीप घोष, सरकार ने सुरक्षा के लिए किए इंतजाम
CJP के आंदोलन को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि आंदोलन करना और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सभी का अधिकार है। उन्होंने माना कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति होनी चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक आंदोलन के दौरान जिस तरह की अव्यवस्था की आशंका पैदा हो रही है, उससे आम लोगों में भी डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े युवा निराशा के चरम पर पहुंच गए हैं और किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कहा कि सरकार ने कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।
राष्ट्रपति से विपक्षी नेताओं की मुलाकात पर दिलीप घोष का हमला
राष्ट्रपति से विपक्षी नेताओं की मुलाकात के मुद्दे पर दिलीप घोष ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी रणनीति से देश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष दूसरे देशों में सरकार बदलने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों से प्रभावित होकर भारत में भी वैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। दिलीप घोष ने कहा कि भारत की परंपरा, संस्कृति और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है। उनके मुताबिक, भारतीय जनता को डराकर या भ्रमित करके कोई भी राजनीतिक उद्देश्य हासिल नहीं किया जा सकता।
चुनाव परिणामों को लेकर कथित भ्रामक प्रचार पर कम्युनिस्टों को घेरा
चुनाव परिणामों को लेकर कथित गलत प्रचार के मुद्दे पर दिलीप घोष ने कम्युनिस्टों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से लोगों को भ्रमित करने वाली राजनीति की जा रही है और विभिन्न घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि अब इस तरह की राजनीति और प्रचार के तरीकों में बदलाव करने का समय आ गया है। दिलीप घोष ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि राजनीतिक दल अपनी कार्यशैली नहीं बदलते हैं, तो जनता उन्हें बदल सकती है।
महुआ मोइत्रा और मुख्य सचिव के विवाद पर भी साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और मुख्य सचिव के बीच विवाद को लेकर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महुआ मोइत्रा के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी के भीतर भी कई बार उनकी आलोचना हो चुकी है और उन्हें संसद से निष्कासित भी किया गया था। दिलीप घोष ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के लिए इससे बड़ी सजा क्या हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि यदि इसके बाद भी कोई अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, तो देश की जनता उसे सबक सिखाएगी।