कोलकाता: दुर्गापूजा से पहले फिलहाल दक्षिण बंगाल के मौसम में राहत देखने को मिल रही है। आसमान साफ है और कई इलाकों में धूप खिली हुई है। हालांकि, मौसम मॉडल के संकेतों ने पूजा के दौरान बारिश की संभावना को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बन सकता है नया सिस्टम
मौसम मॉडल के अनुसार, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। इसके बनने से महालया के बाद पश्चिम बंगाल के मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। हालांकि, फिलहाल भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने इस संभावित सिस्टम को लेकर कोई आधिकारिक निम्न दबाव चेतावनी जारी नहीं की है।
12-13 अक्टूबर के आसपास बढ़ सकता है सिस्टम
रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड और उत्तर अंडमान सागर के आसपास एक घूर्णावात विकसित होने की संभावना है। मौसम मॉडल का अनुमान है कि यह सिस्टम 12 या 13 अक्टूबर के आसपास मजबूत होकर निम्न दबाव क्षेत्र का रूप ले सकता है। इसके बाद इसकी दिशा और ताकत पर मौसम की आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
15 अक्टूबर तक समुद्र में रहकर बढ़ सकती है ताकत
संभावित निम्न दबाव क्षेत्र के 15 अक्टूबर तक समुद्र के ऊपर रहने और इस दौरान इसके और मजबूत होने का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद सिस्टम पूर्वी तट की ओर बढ़ सकता है और 16 या 17 अक्टूबर के आसपास स्थलभाग में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में बारिश की संभावना
इस संभावित मौसम प्रणाली के प्रभाव से 17 अक्टूबर तक गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों को लेकर अभी आधिकारिक पूर्वानुमान का इंतजार है।
सप्तमी से दशमी तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम मॉडल के मौजूदा संकेतों के अनुसार, दुर्गापूजा की सप्तमी से दशमी के बीच कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर बंगाल के कुछ इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
अभी क्या कह रहा है मौसम विभाग?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी IMD ने इस संभावित निम्न दबाव को लेकर कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है। इसलिए पूजा के चार दिनों में भारी बारिश होगी, इसे फिलहाल पक्की मौसम भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। अगले कुछ दिनों में सिस्टम के विकास और उसकी दिशा स्पष्ट होने के बाद तस्वीर ज्यादा साफ होगी।
पूजा घूमने वालों की बढ़ी चिंता
कोलकाता में दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग पंडाल घूमने निकलते हैं। ऐसे में अगर संभावित मौसम प्रणाली मजबूत होती है, तो पूजा के दिनों में बारिश और गरज-चमक से कार्यक्रमों और पंडाल दर्शन पर असर पड़ सकता है। फिलहाल लोगों को अंतिम और आधिकारिक मौसम अपडेट का इंतजार करना होगा।