कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (WBTC) ने खास तैयारी की है। गुरुवार को कोलकाता में ‘पूजा परिक्रमा 2026’ पुस्तिका का औपचारिक विमोचन किया गया। इस गाइडबुक में कोलकाता और आसपास के प्रमुख दुर्गापूजा पंडालों तक पहुंचने के लिए परिवहन सेवाओं और परिक्रमा पैकेज की जानकारी दी गई है। इस साल विशेष पूजा परिक्रमा सेवाएं 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर, यानी महाषष्ठी से विजय दशमी तक चलेंगी।
‘पूजा परिक्रमा 2026’ पुस्तिका का विमोचन
परिवहन भवन के टेंट कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान परिवहन व श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने ‘पूजा परिक्रमा 2026’ पुस्तिका का विमोचन किया। इस मौके पर WBTC के प्रबंध निदेशक अभिषेक चौरसिया भी मौजूद रहे। संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रणवेश मंडल और उप प्रबंध निदेशक प्रदीप मजूमदार समेत परिवहन विभाग और WBTC के कई अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। यह पुस्तिका दुर्गापूजा के दौरान शहर घूमने वाले लोगों के लिए एक गाइड के तौर पर काम करेगी। इसमें कोलकाता और आसपास के प्रमुख पूजा पंडालों की जानकारी शामिल है। इसके जरिए श्रद्धालु अपनी पसंद के पूजा परिक्रमा पैकेज का चयन कर सकेंगे।17 से 21 अक्टूबर तक विशेष पूजा परिक्रमा सेवाएं संचालित की जाएंगी। इसमें नियमित बस सेवाओं के साथ एसी और सीएनजी बसों को भी शामिल किया गया है।
दुर्गापूजा के दौरान 90 नई बसें होंगी शामिल
परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि सरकार बनने के बाद कोलकाता में 50 नई वातानुकूलित बसें उतारी गई हैं। अब दुर्गापूजा के दौरान सरकारी बसों के बेड़े में 90 और बसें शामिल करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि ये बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। इनमें इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को शामिल किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसें डीजल या सीएनजी की जगह बिजली से चलती हैं और इनमें रिचार्ज होने वाली बैटरियों का इस्तेमाल किया जाता है। त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने को देखते हुए इन बसों से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। खासकर पूजा के दिनों में कोलकाता के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग का जोर सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है। इसके साथ ही पूजा परिक्रमा के लिए विशेष बस सेवाओं को भी व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा।
वॉटर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की तैयारी
परिवहन मंत्री ने बताया कि कोलकाता और आसपास के इलाकों में जलमार्गों के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग मुंबई के मॉडल की तर्ज पर जलमार्ग आधारित परिवहन व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। कोलकाता और आसपास के इलाकों को जलमार्ग से जोड़ने को लेकर शुरुआती अध्ययन भी किया जा चुका है। मंत्री ने वॉटर टैक्सी योजना का भी जिक्र किया और इसे विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ी पहल बताया। इस योजना के जरिए सड़क परिवहन पर दबाव कम करने के साथ यात्रियों को एक वैकल्पिक परिवहन सुविधा देने की योजना है। जलमार्गों को अलग-अलग इलाकों से जोड़ने के लिए संभावित रूट पर काम किया जा रहा है। आने वाले समय में यह व्यवस्था कोलकाता की परिवहन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
गंगा में अलग-अलग रूट पर जल परिवहन की योजना
परिवहन विभाग की योजना कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग रूट पर जल परिवहन शुरू करने की है। इसके तहत नवद्वीप से मेटियाबुरूज, मेटियाबुरूज से हावड़ा और हावड़ा से बैरकपुर जैसे रूटों पर जल परिवहन शुरू करने की योजना बताई गई है। दुर्गापूजा के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एसी ट्राम चलाने की भी तैयारी है। वहीं, विजय दशमी यानी 21 अक्टूबर को गंगा में विसर्जन के दौरान डबल डेकर जहाजों की सेवा उपलब्ध रहेगी। इससे विसर्जन देखने और पूजा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को वैकल्पिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी। इस बार पूजा परिक्रमा में नियमित बसों के साथ एसी बसें, सीएनजी बसें और जलमार्ग को भी शामिल किया गया है। परिवहन विभाग का कहना है कि इन सेवाओं का उद्देश्य पूजा के दौरान यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाना है।
कोलकाता से आसपास के पूजा पंडालों तक पहुंचेगी सेवा
‘पूजा परिक्रमा 2026’ सिर्फ कोलकाता के प्रमुख पंडालों तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत उत्तर और दक्षिण कोलकाता के साथ शहर के आसपास के उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रसिद्ध पूजा को भी कवर किया जाएगा। खास तौर पर भव्य दुर्गापूजा पंडालों के साथ पारंपरिक और ऐतिहासिक पारिवारिक पूजाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। पुस्तिका श्रद्धालुओं को इन पूजा स्थलों तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन देने का काम करेगी। लोग अपनी पसंद के पूजा परिक्रमा पैकेज की जानकारी लेकर उसके अनुसार यात्रा की योजना बना सकेंगे। इसके लिए WBTC के ऑनलाइन पोर्टल के अलावा प्रमुख बस टर्मिनस और डिपो से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से बाहर से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय श्रद्धालुओं को पूजा घूमने की योजना बनाने में आसानी हो सकती है।
यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सेवा देने का दावा
परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि पूजा के दिनों में यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभाग तैयार है। उन्होंने लोगों से बिना चिंता के पूजा का आनंद लेने और परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की। पूजा के दौरान कोलकाता की सड़कों पर वाहनों और लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन की अतिरिक्त व्यवस्था श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने में मदद कर सकती है। WBTC की विशेष पूजा परिक्रमा सेवा इसी उद्देश्य से तैयार की गई है।बस और जल परिवहन को एक साथ जोड़कर अलग-अलग इलाकों तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई है। ‘पूजा परिक्रमा 2026’ पुस्तिका इस पूरी व्यवस्था की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
पूजा के बाद ही बढ़ेगा निजी बसों का किराया
पुस्तिका के विमोचन के बाद पत्रकारों से बातचीत में परिवहन मंत्री ने निजी बसों के किराये को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने निजी बस मालिकों के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि त्योहारों के मौसम में यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। मंत्री के अनुसार, निजी बसों के किराये में बढ़ोतरी को लेकर फैसला दुर्गापूजा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने बस ऑपरेटरों से यह भी कहा कि किराया बढ़ाने से पहले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और अच्छी सेवा उपलब्ध करानी होगी। खास तौर पर एसी बसों जैसी सुविधाओं के अनुरूप यात्रियों को बेहतर सेवा देने पर जोर दिया गया। इसका मतलब है कि पूजा के दौरान मौजूदा किराये पर ही निजी बस सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। किराये में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला पूजा के बाद लिया जाएगा।
पूजा घूमने वालों के लिए क्यों खास है यह गाइडबुक?
‘पूजा परिक्रमा 2026’ पुस्तिका कोलकाता और आसपास के दुर्गापूजा पंडालों तक पहुंचने के लिए एक मार्गदर्शिका के तौर पर तैयार की गई है। इसमें बड़े और प्रसिद्ध पंडालों के साथ पुरानी पारिवारिक दुर्गापूजाओं को भी शामिल किया गया है। लोग अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग पूजा परिक्रमा पैकेज चुन सकते हैं। ऑनलाइन पोर्टल के अलावा प्रमुख बस टर्मिनस और डिपो से बुकिंग की सुविधा दी गई है। 17 से 21 अक्टूबर तक चलने वाली विशेष सेवाओं से पूजा के प्रमुख दिनों में यात्रा करने वालों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। बसों के साथ जलमार्ग और एसी ट्राम जैसी सुविधाएं भी इस साल की पूजा परिवहन व्यवस्था का हिस्सा हैं। ऐसे में यह गाइडबुक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पूजा घूमने की योजना तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकती है।