कोलकाता: कोलकाता की प्रमुख सड़कों में शामिल ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन (EM) बाईपास के नाम को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने आया है। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय सड़क नामकरण समिति ने शहर की कई प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नाम बदलने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार शुरू कर दिया है। समिति के अध्यक्ष स्वामी प्रदीप्तानंद महाराज, जिन्हें कार्तिक महाराज के नाम से भी जाना जाता है, ने सोमवार को कोलकाता नगर निगम (KMC) मुख्यालय में समिति के कामकाज की शुरुआत की। कार्तिक महाराज के मुताबिक, बिस्व बांग्ला सरणी का नाम बदलकर श्री चैतन्य महाप्रभु के नाम पर रखने का प्रस्ताव समिति के सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में एयरपोर्ट से कमलगाजी तक फैले करीब 33.5 किलोमीटर लंबे मार्ग को ‘बिस्व बांग्ला सरणी’ नाम दिया गया था। हालांकि, अभी किसी सड़क का नाम आधिकारिक तौर पर नहीं बदला गया है। प्रस्तावों की समीक्षा के बाद समिति सक्षम प्राधिकारी को अपनी सिफारिश भेजेगी।
EM बाईपास के नाम पर क्या है प्रस्ताव?
समिति के सामने बिस्व बांग्ला सरणी का नाम बदलकर श्री चैतन्य महाप्रभु के नाम पर रखने का प्रस्ताव आया है। कार्तिक महाराज ने कहा कि सड़क नामकरण से जुड़े प्रस्तावों को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, समिति को अब तक कोलकाता और आसपास के इलाकों की करीब 100 सड़कों के नाम बदलने के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें खुदीराम बोस, प्रफुल्ल चाकी, उल्हासकर दत्त और अन्य क्रांतिकारियों के नाम पर सड़कें रखने के सुझाव भी शामिल हैं।
लेनिन और कार्ल मार्क्स सरणी भी समीक्षा के दायरे में
कोलकाता की लेनिन सरणी और कार्ल मार्क्स सरणी के नाम भी समिति के विचाराधीन प्रस्तावों में शामिल हैं। इसके अलावा हो ची मिन्ह सरणी के नाम को लेकर भी समीक्षा की बात सामने आई है। कार्तिक महाराज ने कहा कि समिति सड़क और सार्वजनिक स्थलों के नामों को भारतीय इतिहास और संस्कृति के संदर्भ में भी देखेगी। उन्होंने इन विदेशी राजनीतिक व्यक्तित्वों के नामों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। यह उनका और समिति के प्रस्तावों से जुड़ा बयान है; इन सड़कों के नाम बदलने पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
शहीद IPS अधिकारी विनोद मेहता के नाम पर सड़क का प्रस्ताव
गार्डन रीच इलाके में 1984 में ड्यूटी के दौरान मारे गए IPS अधिकारी विनोद मेहता के नाम पर सड़क का नाम रखने का प्रस्ताव भी समिति के सामने आया है। यह प्रस्ताव राज्य के कुछ वरिष्ठ IPS अधिकारियों की ओर से दिया गया है। विनोद मेहता तत्कालीन डीसी (पोर्ट) थे और 17 मार्च 1984 को गार्डन रीच इलाके में हिंसा के दौरान उनकी हत्या हुई थी। उनके साथ कांस्टेबल मुख्तार अली की भी मौत हुई थी। कार्तिक महाराज ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की ओर से मिले इस प्रस्ताव को समिति की बैठक में रखा जाएगा।
KMC मुख्यालय में शुरू हुआ समिति का काम
कार्तिक महाराज ने सोमवार को KMC मुख्यालय से समिति के कामकाज की शुरुआत की। उन्हें नगर निगम मुख्यालय में एक कार्यालय भी उपलब्ध कराया गया है। समिति की पहली बैठक दुर्गा पूजा के बाद होने की बात सामने आई है। इसमें कोलकाता की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नाम बदलने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद समिति अपनी सिफारिश सक्षम प्राधिकारी को भेजेगी। फिलहाल EM बाईपास, लेनिन सरणी, कार्ल मार्क्स सरणी या हो ची मिन्ह सरणी का नाम बदला नहीं गया है। इन सभी मामलों में समिति की समीक्षा और आगे की सरकारी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम फैसला होगा।