कोलकाता: दुर्गा पूजा के बाद पश्चिम बंगाल में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल दोनों में गुरुवार को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। उत्तर बंगाल और सिक्किम में भी गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि IMD के पूर्वानुमान में 10 अक्टूबर से राज्य के दोनों हिस्सों के लिए कोई मौसम चेतावनी नहीं है।
कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में बारिश और गरज-चमक का दौर
कोलकाता और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव के साथ बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। महानगर में बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। IMD के कोलकाता केंद्र के मुताबिक, 8 अक्टूबर को शहर और आसपास के मौसम पर भी निगरानी रखी जा रही है। सुबह के समय कोलकाता में तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और हवा शांत दर्ज की गई, जबकि आर्द्रता काफी अधिक थी। बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता कम होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
दक्षिण बंगाल में तटीय इलाकों से लेकर पश्चिमी जिलों तक असर
गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए 8 अक्टूबर को IMD ने भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिण बंगाल के तटीय और आसपास के जिलों में नम हवाओं और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर समेत कई इलाकों में मौसम पर नजर रखी जा रही है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और खुले जलस्रोतों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। किसानों और खुले क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
उत्तर बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर बंगाल के लिए भी गुरुवार का मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। IMD ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और डुआर्स के इलाकों में बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम और सड़क की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने पर स्थानीय नदियों और जलधाराओं के जलस्तर में भी वृद्धि हो सकती है।
9 अक्टूबर तक मौसम सक्रिय, 10 अक्टूबर से राहत के संकेत
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के दोनों मौसम उपखंडों में मुख्य रूप से गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि जारी रह सकती है। इसके बाद 10 अक्टूबर से दोनों क्षेत्रों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसका मतलब है कि बारिश और आंधी का मौजूदा दौर सप्ताहांत से कमजोर पड़ने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए IMD के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।