हावड़ा: पश्चिम बंगाल के हावड़ा के चटरजीहाट इलाके के नई सड़क क्षेत्र में महालया के पवित्र अवसर पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां एक तीन मंजिला आवासीय मकान और उससे सटी चार दुकानें भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह से भस्म हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर अभियान चलाकर आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। इस भयावह हादसे में घर के अंदर फंसे पांच सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक वृद्ध व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रबर के गोदाम से फैली आग की लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, महालया की भोर में अचानक तीन मंजिला इस इमारत से तेज लपटें और काला धुआं निकलने लगा। इस मकान के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर एक रबर का गोदाम संचालित होता था। शुरुआती अनुमान जताया जा रहा है कि आग इसी रबर गोदाम से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर आसपास के हिस्सों तथा ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। सुबह-सवेरे हुई इस घटना से पूरे इलाके में भगदड़ और भारी दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय युवाओं की सूझबूझ और दमकल की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल विभाग की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाद में एक और गाड़ी बढ़ाई गई। कुल 4 इंजनों की मदद से लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय साहसी युवाओं ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया था और घर के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। इस अग्निकांड में शेख नाजीर हुसैन नामक एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और बाद में हावड़ा जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और थाने में शिकायत
प्राथमिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, दमकल विभाग की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि उस आवासीय इमारत व गोदाम के भीतर आग से निपटने के लिए कोई भी वैध अग्निशामक यंत्र (फायर फाइटिंग सिस्टम) या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। नियमों की अनदेखी करने के आरोप में दमकल विभाग की ओर से स्थानीय थाने में एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद स्थानीय निवासियों ने बताया कि गनीमत रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, अन्यथा एक बहुत बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। इस दर्दनाक दुर्घटना के कारण महालया की सुबह खुशियों के माहौल के बीच पूरे चटरजीहाट क्षेत्र में मातम और सन्नाटा पसर गया है। प्रशासन की ओर से आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच अभी भी की जा रही है।