मुरशिदाबाद (पश्चिम बंगाल): आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष और नौदा से विधायक हुमायूं कबीर गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे मुरशिदाबाद जिले के रेजीनगर थाने के सामने अचानक धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को फर्जी मामलों में गिरफ्तार करने और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को इलाका छोड़ने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह धरना 6 अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर उप-चुनाव से ठीक पहले आयोजित किया गया है।
करीबी पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी के बाद लिया धरना देने का फैसला
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात रेजीनगर थाने की पुलिस ने रामपाड़ा-1 ग्राम पंचायत के सदस्य और हुमायूं कबीर के करीबी सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद विधायक ने रेजीनगर थाने के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया।हुमायूं कबीर का दावा है कि उनकी पार्टी के लगभग 15 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने झूठे आरोपों में गिरफ्तार कर जेल में बंद कर रखा है। इससे पहले 12 सितंबर को भी उन्होंने शक्तिपुर थाने के सामने लगभग 17 घंटे तक ऐसा ही विरोध प्रदर्शन किया था।

बीजेपी के इशारे पर पुलिस रच रही वोट लूट की साजिश: हुमायूं कबीर
रेजीनगर थाने के बाहर कुर्सी लगाकर अकेले धरने पर बैठे हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया, "बीजेपी के निर्देश पर रेजीनगर, शक्तिपुर और बेलडांगा थानों की पुलिस मिलकर वोट लूटने की साजिश रच रही है। पुलिस घर-घर जाकर मुस्लिम परिवारों से कह रही है कि वे वोट के दिन यानी 6 अक्टूबर तक अपने घरों में न रहें और मतदान खत्म होने के बाद वापस आएं।"उन्होंने आगे कहा कि पुलिस लोगों को धमकी दे रही है कि उप-चुनाव से पहले कोई भी आम जनता उन्नयन पार्टी से न जुड़े। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे पुलिस की इस कार्यशैली के खिलाफ अकेले ही विरोध जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है।
चुनाव आयोग से अधिकारियों को हटाने की मांग
हुमायूं कबीर ने बताया कि उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने रेजीनगर, शक्तिपुर और बेलडांगा थानों के प्रभारी अधिकारियों (OCs) को तुरंत उनके पदों से हटाने की मांग की है।विधायक के अनुसार, उनका यह धरना दोपहर 1 बजे तक चलेगा और फिर शाम को दोबारा शुरू होगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनमें हिम्मत है, वे पुलिस की इस कथित अनियमितता के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे।