कोलकाता: रात बीत गई, सुबह से दोपहर और अब दिन भी ढलने को है, लेकिन विकास भवन के बाहर ICT शिक्षकों का धरना अब भी जारी है। ICT ऐक्य मंच के छठे और सातवें फेज के शिक्षक-शिक्षिकाएं करीब 24 घंटे से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार सुबह विकास भवन अभियान के बाद दोपहर से आंदोलनकारी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए थे। पूरी रात धरना देने के बाद मंगलवार को भी उनका प्रदर्शन जारी रहा।
एजेंसी प्रथा खत्म कर सीधी नियुक्ति की मांग
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि एजेंसी के जरिए नियुक्ति की व्यवस्था खत्म कर उन्हें सीधे सरकारी कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी के तौर पर नियुक्त किया जाए। शिक्षकों का आरोप है कि करीब पांच साल से काम करने के बावजूद छठे और सातवें फेज के शिक्षक अभी भी वेबेल स्कूलनेट और एक्स्ट्रा मार्क जैसी एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे हैं। एजेंसी व्यवस्था से मुक्ति और सरकारी मान्यता की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है।
करीब 1400 शिक्षकों के भविष्य पर अनिश्चितता का दावा
आंदोलनकारियों का दावा है कि ICT ऐट स्कूल परियोजना के छठे और सातवें फेज में नियुक्त करीब 1,400 कंप्यूटर शिक्षकों के अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने की जानकारी दी गई है। नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति में मौजूदा नौकरी को लेकर अनिश्चितता पैदा होने की आशंका शिक्षक जता रहे हैं। इसी को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं सॉल्टलेक की सड़कों पर उतरे।
विकास भवन पहुंचने से पहले पुलिस ने रोका
आंदोलनकारियों के विकास भवन के मुख्य गेट की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बाद में शिक्षक-शिक्षिकाएं विकास भवन के बाहर ही धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारियों की मांग है कि शिक्षा मंत्री उनसे मुलाकात करें। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अब तक विकास भवन की ओर से उनसे बातचीत के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है।
पूजा से पहले नौकरी को लेकर बढ़ी चिंता
पूजा के ठीक पहले नौकरी को लेकर अनिश्चितता के कारण प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि वर्षों तक स्कूलों में काम करने के बाद भी उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक वे धरना जारी रखेंगे।
धरने से यातायात भी प्रभावित
विकास भवन के बाहर लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन का असर आसपास के यातायात पर भी पड़ा है। प्रदर्शन के कारण महत्वपूर्ण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है। सप्ताह के कार्यदिवस में इस मार्ग से बड़ी संख्या में कार्यालय जाने वाले लोगों के गुजरने के कारण उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रातभर धरने के बाद भी आंदोलन जारी
करीब 24 घंटे से धरने पर बैठे कई शिक्षक-शिक्षिकाएं शारीरिक रूप से थक चुके हैं। इसके बावजूद वे प्रदर्शन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि पुलिस की ओर से धरना समाप्त कर वहां से हटने की अपील की गई, लेकिन मांगें पूरी होने तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।