कोलकाता: ब्राजील के खिलाफ मुकाबले के बाद अब कोलकाता में भारतीय फुटबॉल टीम के सामने एक और कड़ी चुनौती है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को शाम 7:30 बजे युवा भारती क्रीड़ांगन में भारत और उरुग्वे आमने-सामने होंगे। उरुग्वे की टीम कोलकाता पहुंच चुकी है, जबकि दोनों टीमें मुकाबले के लिए जोरदार तैयारी कर रही हैं। ब्राजील से 4-0 की हार के बाद भारतीय टीम उरुग्वे के खिलाफ वापसी के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
ब्राजील के बाद उरुग्वे से मुकाबला
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा है। ब्राजील के खिलाफ मिली हार के बाद टीम अब अपनी गलतियों को सुधारकर उरुग्वे के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। मुकाबले को लेकर फुटबॉल प्रशंसकों में भी खासा उत्साह है।
खालिद जमील ने बताया मैच का प्लान
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने कहा कि ब्राजील, उरुग्वे और पनामा तीनों ही मजबूत टीमें हैं। ऐसे में किसी एक टीम को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि हर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ समान गंभीरता से तैयारी की जा रही है।
परिस्थितियों के हिसाब से बदलेगी रणनीति
खालिद जमील के मुताबिक ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ मैच की परिस्थितियां अलग होंगी। इसलिए टीम को अपनी रणनीति में भी बदलाव करना होगा। ब्राजील के खिलाफ हुई गलतियों को चिन्हित किया गया है, ताकि उरुग्वे के खिलाफ उन्हीं गलतियों को दोहराने से बचा जा सके।
'जरूरत पड़ी तो डिफेंस, जरूरत पड़ी तो अटैक'
खालिद जमील ने कहा कि टीम परिस्थितियों के अनुसार अपना खेल तय करेगी। उन्होंने साफ किया कि अगर डिफेंस की जरूरत होगी तो टीम मजबूती से डिफेंस करेगी और अगर आक्रमण का मौका मिलेगा तो अटैकिंग फुटबॉल खेला जाएगा।
भारत को हल्के में नहीं ले रहा उरुग्वे
उरुग्वे के कोच डिएगो फोरलान भी भारतीय टीम को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। उन्होंने ब्राजील के खिलाफ भारत का मुकाबला देखा है। फोरलान का मानना है कि भारतीय टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। अगर उन्हें समय और जगह दी गई तो वे उरुग्वे के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। इसलिए उरुग्वे भारत को किसी भी तरह हल्के में नहीं ले रहा है।
करीब 10 साल बाद कोलकाता लौटे फोरलान
डिएगो फोरलान का कोलकाता से पुराना रिश्ता है। करीब 10 साल पहले, 2016 में उन्होंने मुंबई सिटी एफसी की ओर से आईएसएल में हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्होंने कोलकाता में फुटबॉल के प्रति लोगों की दीवानगी को करीब से देखा था। अब उरुग्वे की राष्ट्रीय टीम के कोच के तौर पर कोलकाता लौटे फोरलान ने भारतीय फुटबॉल के प्रति अपना सम्मान भी जाहिर किया।
भारतीय फुटबॉल के लिए फोरलान का खास संदेश
फोरलान ने कहा कि भारतीय फुटबॉल के प्रति उनके मन में काफी सम्मान है। उन्होंने बताया कि जब वह खिलाड़ी के तौर पर भारत आए थे, तब उन्होंने कई अच्छे, युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देखा था।
बड़े मुकाबलों से भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा अनुभव
भारत का ब्राजील और उरुग्वे जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैच खेलना फोरलान सकारात्मक कदम मानते हैं। उनका कहना है कि इस तरह के मुकाबलों से युवा भारतीय खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने का अनुभव मिलेगा और भविष्य में मजबूत टीम तैयार करने में मदद मिलेगी।
भारतीय फुटबॉल में प्रतिभा की कमी नहीं
फोरलान ने भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता का भी जिक्र किया। हालांकि उनका मानना है कि देश में प्रतिभाशाली युवा फुटबॉलरों की कोई कमी नहीं है। उनके मुताबिक ज्यादा फुटबॉल अकादमियां और मजबूत लीग तैयार होने से भारत में भविष्य में और बेहतर खिलाड़ी सामने आ सकते हैं।
कोलकाता के खाने ने दिलाई 'असादो' की याद
कोलकाता में अपने प्रवास के दौरान फोरलान शहर को भी करीब से देख रहे हैं। इसी बीच खाने को लेकर उनका एक दिलचस्प बयान सामने आया। कुछ दिनों से चिकन और मछली खाने के बाद उन्हें अपने देश के 'असादो' यानी मांसाहारी बारबेक्यू की याद आने लगी है। हालांकि फोरलान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अभी पूरा ध्यान मैच पर है, खाने के बारे में मैच के बाद सोचेंगे।
अब युवा भारती में होगी अग्निपरीक्षा
ब्राजील के खिलाफ 4-0 की हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने उरुग्वे जैसी विश्वस्तरीय टीम है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को शाम 7:30 बजे युवा भारती क्रीड़ांगन में होने वाला यह मुकाबला खालिद जमील की टीम के लिए अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मौका होगा।