कोलकाता: पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचे हैं। 30 सितंबर को हुई लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें दोबारा तलब किया था। इस बार इंद्रनील सेन से पिछले 10 वर्षों के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य आर्थिक दस्तावेजों को लेकर जानकारी मांगी गई है।
2016 से अब तक के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
सूत्रों के मुताबिक, ED के अधिकारी वर्ष 2016 से अब तक इंद्रनील सेन के वित्तीय लेनदेन की जानकारी की जांच कर रहे हैं। इसमें अलग-अलग बैंक खातों, आय-व्यय का विवरण और उनसे जुड़े अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। बुधवार सुबह इंद्रनील सेन इन दस्तावेजों के साथ ED कार्यालय पहुंचे।
पिछली पूछताछ में सामने आई जानकारी से होगा मिलान
बताया जा रहा है कि पिछली पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं के सामने जो जानकारी आई थी, उसे अब उपलब्ध कराए जा रहे दस्तावेजों से मिलाया जा सकता है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड पहले पूछे गए सवालों के जवाब से मेल खाते हैं या नहीं।
30 सितंबर को भी हुई थी लंबी पूछताछ
इससे पहले 30 सितंबर को इंद्रनील सेन से ED अधिकारियों ने लंबे समय तक पूछताछ की थी। सूत्रों का दावा है कि उस दौरान उनके वित्तीय लेनदेन के साथ-साथ विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ उनके कथित संपर्कों को लेकर भी सवाल किए गए थे। पूछताछ के बाद जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा बुलाए जाने की बात कही गई थी।
दस्तावेजों के आधार पर जांच पर जोर
इस बार जांच में दस्तावेजों पर विशेष जोर दिए जाने की बात सामने आ रही है। ED की ओर से पिछले 10 वर्षों के बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन का विवरण और अन्य जरूरी वित्तीय रिकॉर्ड पेश करने को कहा गया था। इन दस्तावेजों के आधार पर जांचकर्ता वित्तीय लेनदेन की पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर सकते हैं।
संबंधित लोगों और संस्थाओं से जुड़े लेनदेन भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान इंद्रनील सेन के व्यक्तिगत वित्तीय लेनदेन के अलावा संबंधित लोगों और संस्थाओं के साथ हुए कथित आर्थिक संपर्कों को लेकर भी सवाल हो सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ED की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।