जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी जिले के बानारहाट ब्लॉक के सालबाड़ी-1 ग्राम पंचायत कार्यालय में बुधवार को उपप्रधान के चुनाव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मदारीहाट से आए एक बीजेपी नेता ने तृणमूल कांग्रेस के ग्राम पंचायत प्रधान नवीन राय को कार्यालय में प्रवेश करने से रोका और उनके साथ मारपीट की। प्रधान ने आरोप लगाया कि उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उन्हें थप्पड़ तथा लात मारी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। हंगामे के बीच उपप्रधान पद के लिए प्रस्तावित चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उपप्रधान के इस्तीफे के बाद होना था चुनाव
सालबाड़ी-1 ग्राम पंचायत में उपप्रधान ननीगोपाल मल्लिक के स्वास्थ्य संबंधी कारणों से पद से इस्तीफा देने के बाद नए उपप्रधान के चुनाव की प्रक्रिया तय की गई थी। बुधवार को इसी के लिए मतदान होना था। आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रधान नवीन राय जब चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। बताया गया कि कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला भी लगा दिया गया था। नवीन राय का आरोप है कि कार्यालय में प्रवेश की कोशिश के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
वायरल वीडियो में हाथापाई, बीजेपी नेता पर लगा आरोप
घटना के बाद सामने आए कथित वीडियो में एक व्यक्ति को पंचायत प्रधान के साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अलीपुरद्वार जिले के मदारीहाट से आया बीजेपी नेता कौशिक नंदी है। हालांकि, वीडियो के आधार पर व्यक्ति की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों पर संबंधित बीजेपी नेता का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर सवाल सुनने के बाद फोन काट दिया और कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। घटना के बाद पुलिस ने पंचायत प्रधान को मौके से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें बानारहाट थाने ले गई। तृणमूल नेताओं ने सवाल उठाया कि पुलिस की मौजूदगी में पंचायत प्रधान के साथ कथित मारपीट कैसे हुई।
चुनावी समीकरण के बीच हंगामे पर सियासत तेज
स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी इस विवाद का अहम पहलू माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत में बीजेपी और टीएमसी के सदस्यों की संख्या बराबर है, जबकि सीपीएम के एक, कांग्रेस के दो और दो निर्दलीय सदस्य टीएमसी के समर्थन में हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव में संख्याबल अपने पक्ष में जाता देखकर जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
बीजेपी विधायक ने भी की घटना की निंदा
मामले को लेकर धुपगुड़ी के बीजेपी विधायक नरेश चंद्र राय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मदारीहाट से आया पार्टी का कोई नेता इस तरह की कथित गुंडागर्दी में शामिल है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधायक ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही। पुलिस के मुताबिक, घटना को लेकर मिली लिखित शिकायतों और सामने आए वीडियो फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल उपप्रधान पद का चुनाव स्थगित कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही मारपीट और चुनाव प्रक्रिया बाधित करने के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।