कांथी: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी में रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 7 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद समेत कांथी नगरपालिका के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 8 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
नौकरी का झांसा देकर लिए 7 लाख रुपये
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022 में कांथी के बाघाघोल निवासी तापस कुमार पाल को रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि नौकरी मिलने की उम्मीद में तापस ने 7 लाख रुपये दिए थे। हालांकि, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी जब उन्हें नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने कांथी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जालालखांबाड़ निवासी संदीप जाना उर्फ डाकू और धर्मदासबाड़ निवासी सिद्धेश्वर प्रधान के रूप में हुई है।
आरोप है कि इस मामले में गिरफ्तार संदीप जाना तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद हैं, जबकि सिद्धेश्वर प्रधान कांथी नगरपालिका के कर्मचारी हैं।
अदालत ने 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
गुरुवार को दोनों आरोपियों को कांथी महकमा अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों को 8 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। पुलिस हिरासत के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी।
क्या इस मामले में और लोग भी शामिल हैं?
नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 7 लाख रुपये की ठगी के इस मामले ने इलाके में चर्चा तेज कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका है या नहीं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ आरोप अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं।