कोलकाता: दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता की सड़कों पर होर्डिंग, बैनर और गेट लगाने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य करने के बाद अब कोलकाता नगर निगम (KMC) ने एलईडी (LED) विज्ञापनों पर भारी दर से कर (टैक्स) लागू कर दिया है। बुधवार को कोलकाता नगर निगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पूजा आयोजकों और विज्ञापन एजेंसियों को प्रति एलईडी बोर्ड के लिए 600 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से पहले शुल्क जमा करके अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना होगा। इसके साथ ही प्रत्येक स्वीकृत एलईडी विज्ञापन बोर्ड पर निगम द्वारा जारी अनुमति आईडी (Permission ID) प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।
दैनिक ₹20,000 से ₹50,000 तक बढ़ा खर्च, विज्ञापन एजेंसियों की बढ़ी चिंता
निगम के इस फैसले से बड़ी दुर्गा पूजा कमेटियों और विज्ञापन एजेंसियों को बड़ा झटका लगा है। पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण कोलकाता की प्रमुख पूजा कमेटियां, विशेषकर रासबिहारी एवेन्यू जैसे बड़े रास्तों पर डिजिटल एलईडी बोर्ड लगाकर लाखों रुपये का फंड जुटाती रही हैं। इस साल के नए कर दरों के लागू होने से प्रति वर्ग फीट के हिसाब से एक सामान्य एलईडी का दैनिक खर्च 20,000 से 25,000 रुपये पड़ेगा, जबकि बड़े (जंबो) आकार के एलईडी बोर्ड के लिए रोजाना 50,000 रुपये तक नगर निगम में जमा करने होंगे।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए परमिशन आईडी पर लगेगा विशेष QR कोड
नगर निगम ने होर्डिंग, बैनर और एलईडी विज्ञापनों के नाम पर होने वाले अवैध कारोबार और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए सख्त व्यवस्था की है। निगम के विज्ञापन विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले परमिशन आईडी में इस बार विशेष क्यूआर कोड (QR Code) जोड़ा जा रहा है। जांच अधिकारी मौके पर जाकर क्यूआर कोड स्कैन करके तुरंत पता लगा सकेंगे कि विज्ञापन के लिए शुल्क जमा किया गया है या नहीं।
20 से 25 सितंबर तक आवेदन की समयसीमा, 3 अक्टूबर से पहले नहीं लगेंगे होर्डिंग
लगभग दो दशकों के बाद केएमसी ने पूजा विज्ञापनों को लेकर नियमों में यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सर्कुलर के अनुसार:
- पूजा आयोजकों को 20 से 25 सितंबर के भीतर नगर निगम के विज्ञापन विभाग में लिखित आवेदन देना होगा।
- अनुमति मिलने के बावजूद 3 अक्टूबर से पहले कोई भी होर्डिंग, फ्लेक्स या बैनर नहीं लगाया जा सकता।
- पूजा उत्सव समाप्त होते ही 29 अक्टूबर तक सभी होर्डिंग्स और ढांचों को सड़कों से हटाना अनिवार्य होगा।
होर्डिंग्स और गेट की ऊंचाई के लिए तय किए गए मानक
निगम ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापनों के लिए बनाए जाने वाले बांस के अस्थायी गेट की अधिकतम ऊंचाई 22 फीट तय की गई है। इसके अलावा होर्डिंग और बैनर इस प्रकार लगाए जाएंगे जिससे सड़क की स्ट्रीट लाइट, यात्री शेड (Bus Shelter) या स्थायी होर्डिंग्स प्रभावित न हों। अनुमति प्राप्त प्रत्येक होर्डिंग पर निगम की परमिशन आईडी, पूजा कमेटी का नाम और विज्ञापनदाता का नाम व फोन नंबर लिखा होना अनिवार्य है।