कोलकाता: शहर में जलजमाव की समस्या और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कोलकाता नगर निगम ने कई अहम कदम उठाए हैं। मध्य कोलकाता में लंबे समय से जल निकासी की समस्या से जूझ रहे इलाकों को राहत देने के लिए ब्रिटिशकाल के पुराने ईंटों से बने निकासी नाले की मरम्मत और लाइनिंग का काम पूरा किया गया है। इसके साथ ही शहर में 28 पोर्टेबल बायो-टॉयलेट भी सेवा में लाए गए हैं।
2.2 किलोमीटर लंबे पुराने नाले का हुआ कायाकल्प
चौरंगी विधानसभा क्षेत्र के प्लानिंग एंड डेवलपमेंट विभाग की पहल पर बिबादी बाग पूर्व से एपीसी रोड के जंक्शन तक करीब 2.2 किलोमीटर लंबे निकासी नाले की सफाई और लाइनिंग का काम पूरा किया गया। इस दौरान नाले से गाद निकाली गई और इसकी संरचना को मजबूत किया गया। नगर निगम का दावा है कि इस परियोजना के बाद बारिश के दौरान मध्य कोलकाता के बड़े हिस्से में होने वाले जलजमाव की समस्या कम होगी।
38 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से पूरा हुआ प्रोजेक्ट
इस पूरे निकासी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट पर करीब 38 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। देशबंधु पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पाल ने परियोजना का उद्घाटन किया। इस मौके पर मंत्री तापस राय और नगर प्रशासक स्मिता पांडे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
24 महीने का काम 13 महीने में पूरा करने का दावा
मंत्री तापस राय ने बताया कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए करीब 24 महीने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन नगर निगम के इंजीनियरों ने इसे महज 13 महीने में पूरा कर लिया। उन्होंने बताया कि ब्रिटिशकालीन यह निकासी नाला छह फीट से अधिक गहरा है और लंबे समय से इसमें गाद जमा होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी।
अन्य पुराने ब्रिक सीवरों की भी होगी लाइनिंग
तापस राय ने कहा कि कोलकाता में मौजूद अन्य पुराने ईंटों से बने सीवरों को भी चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त करने की योजना है। इन सीवरों की लाइनिंग और मरम्मत के जरिए शहर की पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
मानिकतला में 28 पोर्टेबल बायो-टॉयलेट शुरू
वहीं, मानिकतला विधानसभा क्षेत्र के उत्तरण सेवा विभाग की पहल पर 28 पोर्टेबल बायो-टॉयलेट भी नागरिकों के लिए शुरू किए गए हैं। इनमें 20 इंडियन टाइप और 8 वेस्टर्न टाइप के टॉयलेट शामिल हैं। मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बताया कि इन सभी टॉयलेट को तैयार करने में करीब साढ़े चार महीने का समय लगा।
शहर में पिंक टॉयलेट शुरू करने की भी तैयारी
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि मौजूदा सरकार उन कामों को तेजी से पूरा करने पर जोर दे रही है, जो पिछले वर्षों में लंबित रहे या धीमी गति से आगे बढ़े। उन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों में महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट शुरू करने की योजना की भी जानकारी दी।
नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील
मंत्री ने नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में आम लोगों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से सड़कों पर पेशाब और थूकने से बचने, फुटपाथ व सड़कों पर अवैध पार्किंग नहीं करने तथा घरों के सामने ईंट, बालू और पत्थर जैसी निर्माण सामग्री नहीं रखने की अपील की। साथ ही डेंगू को लेकर भी लोगों से सतर्क रहने को कहा।
सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए QR कोड
नगर निगम की सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए घर-घर QR कोड लगाने की योजना भी बताई गई है। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित सफाईकर्मी किसी घर में सेवा देने के लिए पहुंचे हैं या नहीं। मंत्री ने कचरे के पृथक्करण यानी गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
प्लास्टिक के खिलाफ कपड़े के बैग को बढ़ावा
प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए दक्षिणेश्वर और कालीघाट की तस्वीरों वाले कपड़े के बैग को बढ़ावा देने की योजना है। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि नागरिकों को केवल सरकार पर निर्भर रहने के बजाय अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने हर नागरिक से अपने क्षेत्र में ‘कम्युनिटी लीडर’ की भूमिका निभाने की अपील की।