कोलकाता: कोलकाता में लगातार दो हाई-वोल्टेज अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मुकाबलों को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आगामी 3 अक्टूबर को भारत-ब्राजील और 6 अक्टूबर को भारत-उरुग्वे के बीच मुकाबला युवभारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा। मैच से पहले स्टेडियम परिसर में लगातार बैठकें हो रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी न रहे, इस पर प्रशासन की खास नजर है।
युवभारती में डीजीपी ने की सुरक्षा समीक्षा
पिछले कई दिनों से युवभारती क्रीड़ांगन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। गुरुवार को राज्य पुलिस के डीजी सिद्धिनाथ गुप्ता ने एक बार फिर स्टेडियम का दौरा किया। उन्होंने विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। दर्शकों के प्रवेश मार्ग, सिटिंग अरेंजमेंट, गैलरी में दर्शकों की संख्या और भीड़ नियंत्रण समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
फुटबॉल मैचों के लिए पहले भी रही है कड़ी सुरक्षा
युवभारती क्रीड़ांगन में इससे पहले भी कई बड़े फुटबॉल मुकाबले आयोजित हो चुके हैं। कोलकाता डर्बी से लेकर अंतरराष्ट्रीय मैचों तक, हर बड़े मुकाबले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वर्ष 2017 में भारत में आयोजित अंडर-17 फीफा विश्व कप के कई मुकाबले भी कोलकाता में खेले गए थे। हालांकि, इस बार दो बड़े अंतरराष्ट्रीय टीमों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
ब्राजील और उरुग्वे की टीम को कड़ी सुरक्षा
ब्राजील और उरुग्वे की टीमें पहले ही कोलकाता पहुंच चुकी हैं। एयरपोर्ट से होटल तक दोनों टीमों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ले जाया गया। खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सड़कों पर कोलकाता और विधाननगर पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स तथा केंद्रीय बलों के जवानों की भी तैनाती की गई है।
सुरक्षा के चार अहम पहलुओं पर पुलिस का फोकस
राज्य पुलिस के डीजी सिद्धिनाथ गुप्ता के मुताबिक, भारत में इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है, जहां लगातार दो बड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मुकाबले कोलकाता में खेले जाएंगे। ऐसे में सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से मुख्य रूप से चार पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है—ट्रैफिक नियंत्रण, खिलाड़ियों की सुरक्षा, दर्शकों के लिए बेहतर व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण।
मुकाबले के दिन 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
मुकाबले के दिन युवभारती क्रीड़ांगन और आसपास के इलाकों में करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के पास होगी। पुलिस कमिश्नर और राज्य पुलिस के डीजी भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
'मेस्सी कांड' के बाद सुरक्षा पर खास फोकस
इससे पहले कोलकाता में मेस्सी से जुड़े विवाद के दौरान स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। मैदान में दर्शकों के अनियंत्रित प्रवेश, तोड़फोड़ और विरोध-प्रदर्शन जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद अब भारत-ब्राजील और भारत-उरुग्वे मुकाबलों को लेकर पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं व्यवस्थित करने पर जोर दे रहा है।
प्रवेश से ट्रैफिक तक हर स्तर पर निगरानी
3 और 6 अक्टूबर को होने वाले मुकाबलों के दौरान स्टेडियम के अंदर से लेकर बाहरी परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। दर्शकों के प्रवेश, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस मैच से पहले ही कई स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है।