कोलकाता: दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता मेट्रो रेलवे ने यात्रियों की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया है। पंचमी से दशमी तक कुल 61.51 लाख यात्रियों ने मेट्रो सेवाओं का लाभ उठाया। इस दौरान षष्ठी के दिन सबसे अधिक भीड़ दर्ज की गई, जब एक ही दिन में 12.01 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। मेट्रो रेलवे के इतिहास में यह अब तक की सबसे अधिक दैनिक यात्री संख्या है।
मेट्रो रेलवे की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस साल दुर्गा पूजा के दौरान मेट्रो में यात्रियों की संख्या पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ी है। पिछले वर्ष पंचमी से दशमी तक 46.56 लाख यात्रियों ने मेट्रो से यात्रा की थी। इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 61.51 लाख पहुंच गया।
दमदम स्टेशन पर सबसे ज्यादा यात्रियों की भीड़
दुर्गा पूजा के दौरान यात्रियों की आवाजाही के मामले में दमदम मेट्रो स्टेशन सबसे आगे रहा। पंचमी से दशमी के बीच यहां 4.97 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
स्टेशनवार आंकड़ों में दूसरे स्थान पर कालीघाट मेट्रो स्टेशन रहा, जहां इसी अवधि में 4.83 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। वहीं, सियालदह मेट्रो स्टेशन पर 4.19 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
भीड़ संभालने के लिए मेट्रो रेलवे की व्यापक तैयारी
दुर्गा पूजा के दौरान लाखों यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखना मेट्रो रेलवे के लिए बड़ी चुनौती थी। इसे देखते हुए पहले से विस्तृत योजना तैयार की गई थी। पूजा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
पूजा से पहले स्टेशन कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की गईं, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और ट्रेनों का परिचालन सुचारु बनाए रखने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। अधिक भीड़ वाले स्टेशनों पर बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई।
सुरक्षा के लिए RPF और राज्य पुलिस की तैनाती
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राज्य पुलिस के पर्याप्त जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई, जिससे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।
मेट्रो प्रशासन ने राज्य पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय बनाए रखा। भीड़ को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने और ट्रेनों का परिचालन सुचारु रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
मेडिकल सुविधाओं का भी किया गया इंतजाम
पूजा के दौरान किसी भी तरह की चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य आवश्यक सुविधाओं से युक्त मेडिकल बूथ भी बनाए गए थे।
मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक प्रेम सागर गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने ट्रेनों में सफर कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुचारु यात्रा का अनुभव मिल सके।
कर्मचारियों की मेहनत से सुचारु रहीं मेट्रो सेवाएं
मेट्रो रेलवे के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने त्योहार के समय भी अपनी ड्यूटी निभाई और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी। व्यापक योजना, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से पूजा के दिनों में ट्रेनों का परिचालन सुचारु बनाए रखने और भारी भीड़ को प्रभावी ढंग से संभालने में सफलता मिली।
कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मेट्रो लाखों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन बनी रही। पंचमी से दशमी तक 61.51 लाख यात्रियों की आवाजाही और षष्ठी को 12.01 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड मेट्रो सेवाओं की बढ़ती उपयोगिता को दर्शाता है।