कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (KMC) की 209 सीटों पर नवंबर के अंत में होने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगर निगम में नए वार्डों के पुनर्निर्धारण (परिसीमन) और महिला आरक्षण की प्रक्रिया में संवैधानिक नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए विपक्षी दल अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस, सीपीआईएम (माकपा) और कालीघाट तृणमूल कांग्रेस (ममता-तृणमूल) ने अलग-अलग लेकिन एक ही मुद्दे पर कानूनी कदम उठाने का पूरा मसौदा तैयार कर लिया है।
प्रशासक को भेजी चिट्ठियां, अंतिम सूची जारी होते ही याचिका दाखिल करने की तैयारी
तीनों राजनीतिक दलों ने इस मामले को लेकर कोलकाता नगर निगम की प्रशासक सह आयुक्त स्मिता पांडे को पत्र भेजकर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। विपक्ष का आरोप है कि सीमाओं के पुनर्निर्धारण को लेकर 'स्पॉट विजिट' और स्थानीय नागरिकों से विचार-विमर्श के लिए जनसुनवाई का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे प्रशासक ने नजरअंदाज कर दिया।विपक्षी नेताओं का दावा है कि नगर निकाय (नगरपालिका) कानूनों और महिला आरक्षण के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। वर्तमान में नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी सूचियों को 'ड्राफ्ट' (खसड़ा) बताया जा रहा है। वामदल, कांग्रेस और ममता-तृणमूल के नेताओं ने साफ किया है कि जैसे ही निगम प्रशासन की ओर से अंतिम सूची की अधिसूचना जारी होगी, वे तुरंत कलकत्ता हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे।
राजनीतिक दलों के तीखे हमले: 'संवैधानिक मर्यादाओं को किया जा रहा तार-तार'
प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है:
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार: "जिस प्रकार एसआईआर (SIR) के माध्यम से राज्य में शक्ति का प्रदर्शन हुआ, उसी तर्ज पर नियमों को ताक पर रखकर निगम पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। 144 वार्डों को तोड़कर 209 बनाने का क्या आधार है, किसी को नहीं पता। महिला आरक्षण में भी नियमों का उल्लंघन करते हुए एक ही वार्ड को लगातार चार बार महिला आरक्षित किया जा रहा है।"
- पूर्व मेयर परिषद सदस्य वैश्वानर चटर्जी (ममता-तृणमूल): "डीलिमिटेशन का ड्राफ्ट किसने तैयार किया और कैसे किया, किसी को जानकारी नहीं है। संविधान के तहत पूर्व पार्षदों, विधायकों और राजनीतिक दलों से चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासक किसी की बात नहीं सुन रही हैं।"
- सीपीआईएम जिला सचिव कल्लोल मजूमदार: "जनसंख्या के बजाय केवल मतदाता सूची को आधार बनाकर वार्डों का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है, जिससे कोलकाता के वास्तविक जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) ढांचे की तस्वीर साफ नहीं होगी।"
209 वार्डों पर नवंबर अंत में मतदान की तैयारी, पार्टियों ने कसी कमर
राज्य सरकार द्वारा नवंबर के अंत (28 या 29 नवंबर) में कोलकाता नगर निगम के 209 वार्डों पर चुनाव कराने की प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं।
- सत्तारूढ़ भाजपा: उत्तरी और दक्षिणी कोलकाता मंडलों के माध्यम से संभावित उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के नेतृत्व वाली चुनाव समिति को सौंप रही है।
- ममता-तृणमूल: दक्षिण कोलकाता के रासबिहारी स्थित विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय के कार्यालय में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया और रणनीतिक बैठकें आयोजित कर रही है।
- वामदल और कांग्रेस: वाममोर्चा ने जहां युवाओं को अधिक मौका देने की रणनीति बनाई है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार उपचुनावों के बाद पूर्ण रूप से चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
कानूनी दांव-पेच और प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच कोलकाता का चुनावी माहौल अब अदालत के रुख पर निर्भर होता दिख रहा है।