कोलकाता: चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद कोलकाता एक बार फिर हादसे से दहल उठा है। महाष्टमी की शाम दक्षिण कोलकाता के नेहरू कॉलोनी इलाके में स्थित एक दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से मां दुर्गा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर जल्द काबू पा लिया गया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेहरू कॉलोनी के पूजा पंडाल में कैसे लगी आग?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, महाष्टमी की शाम नेहरू कॉलोनी के पूजा पंडाल में देवी की पूजा-अर्चना के लिए दीपक जलाए गए थे। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि दीपक से ही अनजाने में आग लगी। देखते ही देखते आग फैलकर देवी प्रतिमाओं की कतार तक पहुंच गई। आग की चपेट में आने से प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। अचानक हुई इस घटना से पंडाल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
पंडाल में मौजूद थे आयोजक और दर्शनार्थी
बताया जा रहा है कि आग लगने के समय पूजा पंडाल में आयोजक समिति के कुछ सदस्य मौजूद थे। इसके अलावा मां दुर्गा के दर्शन के लिए भी कई लोग पहुंचे थे। अचानक आग की लपटें देखकर वहां मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। इसके बाद आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई। सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर कम समय में काबू पा लिया गया। हालांकि, समय रहते आग बुझा दिए जाने के बावजूद देवी प्रतिमा को नुकसान पहुंचा है।
पूजा स्थगित, दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक
आग लगने की घटना के बाद एहतियातन संबंधित पूजा पंडाल में फिलहाल पूजा स्थगित रखे जाने की जानकारी सामने आई है। दर्शनार्थियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि प्रतिमा और पंडाल के कुछ हिस्सों को कपड़े से ढक दिया गया है। प्रवेश और निकास के रास्तों के आसपास भी सुरक्षा के मद्देनजर व्यवस्था की गई है। घटना के बाद किसी तरह की नई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मौके पर पुलिसकर्मियों और दमकल विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
आग लगने की वजह और अग्निशमन व्यवस्था की होगी जांच
प्रारंभिक तौर पर दीपक से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि पूजा पंडाल में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। साथ ही, आग लगने के बाद उसे बुझाने के लिए उपलब्ध उपकरणों और अन्य इंतजामों का इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
चोरबागान हादसे के बाद फिर सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि सप्तमी की शाम मध्य कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की दर्दनाक घटना हुई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। पूजा के दौरान हुई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। अभी लोग उस हादसे के सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि महाष्टमी की शाम नेहरू कॉलोनी के पूजा पंडाल में आग लगने की घटना सामने आ गई। लगातार दो घटनाओं ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कहीं भीड़ नियंत्रण की चुनौती, तो कहीं अग्निसुरक्षा का सवाल
चोरबागान की घटना के बाद भीड़ नियंत्रण और पंडालों में लोगों के सुरक्षित आवागमन को लेकर सवाल उठे थे। वहीं, नेहरू कॉलोनी की घटना ने अग्निसुरक्षा और पूजा के दौरान दीपक जलाने में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करना भी बेहद जरूरी है।
9 IPS अधिकारियों की विशेष टीम कर रही निगरानी
इस बीच, दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 9 IPS अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित किए जाने की जानकारी है। यह टीम कोलकाता के बड़े और लोकप्रिय पूजा पंडालों का निरीक्षण कर रही है। पंडालों में प्रवेश और निकास के रास्तों, भीड़ प्रबंधन तथा समग्र सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। जहां अधिक भीड़ जुट रही है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
क्या छोटे पूजा पंडालों की सुरक्षा पर भी है बराबर ध्यान?
नेहरू कॉलोनी में आग लगने की घटना के बाद एक अहम सवाल उठ रहा है कि क्या सुरक्षा की अतिरिक्त निगरानी केवल बड़े और लोकप्रिय पूजा पंडालों तक सीमित है, या छोटे पंडालों की सुरक्षा पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है? दरअसल, छोटे और कम चर्चित पंडालों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। ऐसे में वहां अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और आग लगने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
दीपक और बिजली की सजावट से भी बढ़ सकता है खतरा
दुर्गा पूजा पंडालों में दीपक, धूप, आरती और बिजली की सजावट का व्यापक इस्तेमाल होता है। ऐसे में आग लगने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होने चाहिए। आपातकालीन निकास के रास्ते खुले रखने के साथ-साथ आयोजकों को आग बुझाने के शुरुआती उपायों की जानकारी भी होनी चाहिए। हालांकि, नेहरू कॉलोनी के पंडाल में सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस घटना को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। आग लगने की वास्तविक वजह, प्रतिमा को हुए नुकसान और पंडाल में उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल मौके पर पुलिस और दमकल विभाग की मौजूदगी बनी हुई है।
लगातार हादसों से बढ़ी चिंता, सुरक्षित पूजा कराना बड़ी चुनौती
कुल मिलाकर, दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल में कोलकाता में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ चोरबागान में भगदड़ से हुई मौतों का दर्द है, तो दूसरी तरफ नेहरू कॉलोनी के पूजा पंडाल में आग लगने की घटना। दोनों हादसे अलग-अलग तरह की सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं। कहीं भीड़ प्रबंधन जरूरी है, तो कहीं अग्निसुरक्षा के इंतजाम मजबूत करना आवश्यक है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन हर पूजा पंडाल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित कर पाएगा? त्योहार के बाकी दिनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और पूजा आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती है। श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में मां दुर्गा के दर्शन कर सकें, इसके लिए समय रहते सभी जरूरी कदम उठाना बेहद अहम होगा।