कोलकाता: केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कोलकाता की समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत इसे देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने की क्षमता रखती है। कोलकाता में आयोजित पर्यटन से जुड़े एक समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस शहर को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत है।
2047 तक पर्यटन की भूमिका पर हो रहा मंथन
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प के साथ देश 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 2047 तक पर्यटन क्षेत्र की भूमिका क्या होगी और यह भारत की अर्थव्यवस्था में किस तरह योगदान दे सकता है, इस पर गंभीर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को अगले वर्षों में तेजी से विस्तार देने के लक्ष्य में पर्यटन क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सिर्फ पर्यटकों की संख्या से नहीं मापा जाएगा पर्यटन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले किसी पर्यटन स्थल की सफलता का आकलन इस आधार पर किया जाता था कि वहां कितने पर्यटक पहुंचे। अब तस्वीर बदल रही है। यह देखना जरूरी है कि पर्यटक किसी जगह पर कितने समय तक ठहर रहा है, कितना खर्च कर रहा है और उसके खर्च से स्थानीय स्तर पर कितने रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन से स्थानीय कारोबार, कारीगरों और छोटे उद्योगों को नए बाजारों से जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पर्यटन का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब उसका असर आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई दे।
स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ना जरूरी
शेखावत ने कहा कि दुनिया के कई पर्यटन स्थलों पर स्थानीय लोगों को पर्यटन उद्योग से पर्याप्त लाभ नहीं मिलने के कारण 'नो टूरिस्ट' जैसे पोस्टर तक देखने को मिले हैं। भारत में भी कुछ स्थानों पर ऐसी स्थिति सामने आई है। उन्होंने कहा कि केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदाय को पर्यटन की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पर जोर देते हुए कहा कि पर्यटक के पहुंचने से लेकर उसके वापस लौटने तक पूरे अनुभव को बेहतर बनाने की जरूरत है। स्थानीय लोगों की आर्थिक भागीदारी पर्यटन की स्थायी वृद्धि का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
पर्यटकों के अनुभव और फीडबैक पर भी फोकस
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पहले पर्यटकों के पास अपने अनुभव और प्रतिक्रिया साझा करने के सीमित माध्यम थे। आज डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पर्यटक अपने पूरे अनुभव को व्यक्त कर सकता है। इसलिए पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की यात्रा को सिर्फ आगमन और प्रस्थान के आंकड़ों तक सीमित रखने के बजाय उनके पूरे अनुभव को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी पर्यटन स्थल की पहचान केवल उसके स्मारकों या सांस्कृतिक विरासत से नहीं होगी, बल्कि वहां पर्यटक को मिला अनुभव भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।
भारत में पर्यटन क्षेत्र की 14 प्रतिशत ग्रोथ का दावा
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भारत में पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि दर करीब 14 प्रतिशत है, जो वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय है। पिछले पांच वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में हुए निवेश का असर घरेलू पर्यटन की वृद्धि में भी दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि देश में डोमेस्टिक टूरिज्म का विस्तार तेजी से हुआ है।
2024 के बाद नई पर्यटन नीति पर काम
शेखावत ने बताया कि 2024 में जिम्मेदारी संभालने के बाद मौजूदा नीतियों और बेस्ट प्रैक्टिस को आधार बनाकर एक पर्यटन नीति तैयार की गई, जिसे सभी राज्यों के साथ साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए आसान और निर्बाध सिंगल-विंडो व्यवस्था देने पर भी काम किया जा रहा है।
पर्यटन रैंकिंग में भारत की स्थिति सुधारने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पर्यटन के क्षेत्र में भारत की वैश्विक रैंकिंग 2014 में 65वें स्थान पर थी, जो अब 31वें स्थान तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य पर्यटन के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 20 देशों में शामिल होना है।
भविष्य में पर्यटन का केंद्र 'अनुभव' होगा
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आने वाले समय में पर्यटक केवल किसी स्मारक या संस्कृति को देखने के लिए यात्रा नहीं करेगा, बल्कि उसका पूरा अनुभव पर्यटन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण होगा। यात्रा के बाद पर्यटक का अनुभव ही किसी डेस्टिनेशन की पहचान और भविष्य के कारोबार को प्रभावित करेगा।
शांति की तलाश में दुनिया, भारत के पास बड़ा अवसर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया शांति की तलाश में है और ऐसे माहौल में भारत भविष्य में पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भारत के सामने यूरोप, चीन, इंडोनेशिया, श्रीलंका, बाली और ब्राजील जैसे कई प्रमुख पर्यटन बाजारों से प्रतिस्पर्धा है।
उन्होंने कहा कि इस वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए भारत को पर्यटन क्षेत्र में अपनी गति और प्रगति दोनों को बनाए रखना होगा।
कोलकाता में MICE टूरिज्म विकसित करने का प्रस्ताव
शेखावत ने कहा कि भारत को 'इनक्रेडिबल इंडिया' से आगे बढ़ाकर ऐसा गंतव्य बनाना होगा, जहां लोग आना अपरिहार्य समझें। इसके लिए निजी निवेश और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की आवश्यकता है।
उन्होंने दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की तर्ज पर कोलकाता में भी MICE (Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions) टूरिज्म के लिए एक मजबूत डेस्टिनेशन विकसित करने की संभावना पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) से इस दिशा में एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करने का आह्वान किया।
कृषि के बाद बड़ा रोजगार क्षेत्र बन सकता है पर्यटन
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्ष्य के मुताबिक जब पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में 10 प्रतिशत योगदान तक पहुंच जाएगा, तब यह कृषि के बाद रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक बड़ा क्षेत्र बन सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पर्यटन क्षेत्र करीब 80 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पर्यटन को केवल घूमने-फिरने के क्षेत्र के तौर पर नहीं, बल्कि रोजगार, स्थानीय उद्यम, निवेश और आर्थिक विकास के बड़े माध्यम के रूप में देखने की जरूरत है।