कोलकाता: कोलकाता में दुर्गा पूजा की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। महाषष्ठी के मौके पर शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। बड़े दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़, त्योहार की आखिरी खरीदारी और निजी वाहनों की बढ़ती संख्या ने यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया। हालात ऐसे रहे कि कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी लोगों को सामान्य से कहीं अधिक समय लग रहा है।
ईएम बाईपास से धर्मतला तक, सफर हुआ मुश्किल
ईएम बाईपास के कादापाड़ा मोड़ से बेलेघाटा क्रॉसिंग तक सामान्य परिस्थितियों में करीब 10 मिनट का सफर तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लग रहा है। वहीं, धर्मतला से रासबिहारी होते हुए कसबा जाने में बस से लगभग एक घंटे की जगह दो घंटे से अधिक लगने की स्थिति सामने आई है। ट्रैफिक जाम का असर केवल निजी वाहनों पर ही नहीं, बल्कि बस और ऑटो से सफर करने वाले यात्रियों पर भी पड़ रहा है।
उत्तर से दक्षिण तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें
श्यामबाजार, हाथीबागान, कॉलेज स्क्वायर, चित्तरंजन एवेन्यू, गड़ियाहाट और रासबिहारी एवेन्यू जैसे व्यस्त इलाकों में भीड़ के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। संतोष मित्र स्क्वायर, कॉलेज स्क्वायर, एकडालिया एवरग्रीन, काशी बोस लेन, सुरुचि संघ और सिंघी पार्क जैसे लोकप्रिय पूजा पंडालों के आसपास भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ। कई जगह पैदल चलने वालों की भारी भीड़ के कारण वाहनों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई।
त्योहार की खरीदारी और कार्यालयों से लौटने वालों ने बढ़ाया दबाव
यातायात की समस्या के पीछे कई कारण एक साथ सामने आए हैं। दुर्गा पूजा से पहले अंतिम समय में खरीदारी करने निकले लोग, कार्यालयों से घर लौटने वाले कर्मचारी और दूसरे जिलों से कोलकाता पहुंच रहे निजी वाहन सड़कों पर दबाव बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा, पूजा पंडालों के आसपास बैरिकेडिंग और पैदल श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए अस्थायी रास्तों के कारण भी कुछ जगहों पर वाहनों के लिए उपलब्ध सड़क की जगह कम हो रही है।
यातायात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात
कोलकाता पुलिस के अनुसार, पूजा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए करीब 6,000 यातायात पुलिसकर्मियों के अलावा 6,000 अतिरिक्त कर्मियों को भी लगाया गया है। कंट्रोल रूम से सड़कों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जिन इलाकों में जाम की सूचना मिलती है, वहां अतिरिक्त टीम भेजकर यातायात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
13 से 19 अक्टूबर तक यातायात पर विशेष पाबंदियां
पुलिस ने 13 से 19 अक्टूबर तक कई पूजा पंडालों के आसपास यातायात संबंधी प्रतिबंध लागू किए हैं। स्ट्रैंड रोड और सेंट जॉर्जेस गेट रोड जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर एकतरफा यातायात की व्यवस्था भी की गई है। पंडालों के सामने वाहनों को रुकने से रोकने और जरूरत के अनुसार दूसरे रास्तों पर भेजने की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष कोलकाता में कुल 2,981 दुर्गा पूजा आयोजनों के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
यातायात नियम तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। ट्रिपल राइडिंग, नशे में वाहन चलाने, हेलमेट के बिना बाइक चलाने और गलत पार्किंग जैसे मामलों में 334 लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। महाषष्ठी से विजयादशमी तक प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और जरूरत पड़ने पर यातायात का मार्ग बदलने की व्यवस्था रखी गई है। खराब वाहनों को जल्द हटाने और आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियों के लिए रास्ता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस की लोगों से अपील
कोलकाता पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पूजा पंडालों के आसपास निजी गाड़ियों से जाने के बजाय बस, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पूजा के उत्साह के बीच शहर की सड़कों पर लग रहे लंबे जाम ने आम यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था कितनी सुचारु रहती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।