नई दिल्ली | दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राजधानी में होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों को 31 जनवरी 2027 तक स्थगित कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान धरना-प्रदर्शनों, यातायात प्रतिबंधों और सड़कों पर अवरोधों के कारण बाजारों में कारोबार प्रभावित होता है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों, श्रमिकों और आम नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
त्योहारी और विवाह सीजन में कारोबार प्रभावित होने की चिंता
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के शहरों से बड़ी संख्या में लोग यहां खरीदारी और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र, दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और विवाह समारोहों का सीजन कारोबार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। व्यापारियों के अनुसार, इस दौरान बाजारों तक लोगों की आसान पहुंच और माल की निर्बाध आवाजाही जरूरी है, ताकि दुकानदारों, श्रमिकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित न हो।
प्रदर्शनों से माल की आवाजाही में रुकावट
व्यापारी संगठनों ने पत्र में दावा किया कि राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान यातायात प्रतिबंधों और मार्ग अवरुद्ध होने से बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। माल की ढुलाई प्रभावित होने से दुकानों के संचालन और बिक्री पर असर पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि कारोबार में गिरावट के बावजूद उन्हें कर्मचारियों का वेतन, दुकानों का किराया और अन्य वित्तीय दायित्व पूरे करने पड़ते हैं। इसका असर दिहाड़ी मजदूरों और दूसरे श्रमिकों की आय पर भी पड़ सकता है।
मेट्रो और सड़क यातायात बाधित होने से ग्राहक परेशान
पत्र में मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने, सड़कों पर जाम और यातायात प्रतिबंधों से होने वाली परेशानियों का भी उल्लेख किया गया है। व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, जब ग्राहकों को बाजारों तक पहुंचने में कठिनाई होती है, तो वे खरीदारी के लिए आने से बच सकते हैं। इससे दुकानों की बिक्री प्रभावित होती है। व्यापारियों ने कहा कि ऐसे व्यवधानों का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के शहरों से आने वाले ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के ग्राहकों पर भी असर
व्यापारिक प्रतिनिधियों ने सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। उनका तर्क है कि रास्ते बंद होने या यातायात बाधित होने से ग्राहकों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे दिल्ली के व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बिक्री और उनसे जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
31 जनवरी 2027 तक राजनीतिक प्रदर्शन स्थगित कराने की मांग
व्यापारी संगठनों ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि व्यापक जनहित और व्यापारिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित पक्षों के साथ संवाद और समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने 31 जनवरी 2027 तक राजनीतिक प्रदर्शनों को स्थगित कराने की दिशा में पहल करने की मांग की है, ताकि त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान बाजारों में सामान्य कारोबार जारी रह सके।
लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित में संतुलन की अपील
व्यापारिक प्रतिनिधियों ने माना कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के आयोजन के दौरान आम जनता की सुविधा, यातायात व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनकी मांग है कि ऐसे व्यावहारिक उपाय किए जाएं, जिनसे लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित के बीच संतुलन बना रहे तथा व्यापारियों, श्रमिकों और आम नागरिकों को होने वाली परेशानियां कम हों।
व्यापारी प्रतिनिधियों ने पत्र पर किए हस्ताक्षर
व्यापारी संगठनों की ओर से भेजे गए पत्र पर महामंत्री राकेश यादव, प्रदीप गुप्ता और हेमंत गुप्ता के हस्ताक्षर बताए गए हैं। व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांग पर विचार करते हुए संबंधित पक्षों के साथ समन्वय से समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल यह व्यापारिक संगठनों की ओर से की गई मांग है। राजनीतिक प्रदर्शनों को स्थगित करने के संबंध में सरकार की ओर से किसी निर्णय की पुष्टि इस जानकारी में नहीं है।
व्यापारियों की इस मांग के बीच अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और संबंधित प्रशासन त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों की आवाजाही और सार्वजनिक प्रदर्शनों के प्रबंधन को लेकर क्या कदम उठाते हैं।