कोलकाता:तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने एक बार फिर अपने ऊपर हमले की कोशिश का आरोप लगाया है। शनिवार को उत्तरपाड़ा में उनकी गाड़ी पर हमले के आरोप के बाद रविवार सुबह उन्होंने कोलकाता के पेलघाटा और नारकेलडांगा इलाके में भी अपनी गाड़ी और सहयोगियों की गाड़ियों को घेरने की कोशिश किए जाने का दावा किया।
37 नंबर वार्ड में विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए निकले थे कुणाल
कुणाल घोष के मुताबिक, उन्हें कोलकाता के 37 नंबर वार्ड में कई विकास कार्यों का निरीक्षण करना था। इस संबंध में उन्होंने पहले ही कोलकाता नगर निगम को पत्र दिया था। उनका दावा है कि घर से निकलने के बाद ही बाइक सवारों के एक समूह ने उनकी गाड़ी और उनके साथ चल रही सहयोगियों की गाड़ियों को घेरने की कोशिश की।
फूलबागान मोड़ पर घेरने की कोशिश का आरोप
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि फूलबागान मोड़ के पास उनकी गाड़ी को घेरने की कोशिश की गई। स्थिति को देखते हुए उन्होंने दूसरी गाड़ी से वहां से निकलने की कोशिश की। इसी दौरान पीछे से उनकी ओर ईंट-पत्थर फेंके जाने का दावा उन्होंने किया।
नारकेलडांगा में फिर घेराव का दावा
इसके बाद नारकेलडांगा इलाके में भी बाइक सवारों द्वारा उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेरने का आरोप कुणाल घोष ने लगाया। उनके मुताबिक, कुछ बाइक सवारों ने ओवरटेक कर उनकी गाड़ी के आगे रास्ता रोक दिया। कुणाल ने आरोप लगाया कि इस दौरान गाली-गलौज की गई और हथौड़ा तथा रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर कुणाल ने उठाए सवाल
पूरे घटनाक्रम के बाद कुणाल घोष ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि अदालत के निर्देश पर उनकी सुरक्षा के लिए तैनात सिक्योरिटी हटा ली गई है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई बार फोन करने के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
बोले- कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था
कुणाल घोष ने कहा कि वह किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने नहीं, बल्कि सड़क और पुल से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण करने निकले थे। ऐसे समय में इस तरह की घटना का आरोप बेहद गंभीर है। उन्होंने फूलबागान से नारकेलडांगा तक अपने और सहयोगियों के साथ कथित बदसलूकी की निंदा की।
शनिवार को उत्तरपाड़ा में गाड़ी पर हमले का आरोप
इससे एक दिन पहले शनिवार को उत्तरपाड़ा में भी कुणाल घोष की गाड़ी पर हमले का आरोप सामने आया था। कुणाल के मुताबिक, वह श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सभा में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी पर ईंट और अंडे फेंके गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रॉड और शाबल से गाड़ी के शीशे तोड़ने की कोशिश की गई।
गाड़ी के शीशे टूटने और चोट लगने का दावा
कुणाल घोष के मुताबिक, हमले में गाड़ी की आगे की विंडस्क्रीन के अलावा साइड और पीछे के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की गई। टूटे हुए कांच से उन्हें चोट लगी और कंधे पर भी चोट आने का दावा उन्होंने किया।
लगातार दो दिनों में हमले के आरोप से सुरक्षा पर सवाल
शनिवार को उत्तरपाड़ा और रविवार को कोलकाता में कथित घटनाओं के बाद कुणाल घोष की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष या कथित हमलावरों का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।