हावड़ा: पश्चिम बंगाल में महालया के अवसर पर शनिवार सुबह हावड़ा के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पितरों को तर्पण कर श्रद्धांजलि देने के लिए लोग सुबह से ही घाटों पर पहुंचने लगे। गंगा में स्नान और विधि-विधान के साथ तर्पण कर लोगों ने अपने पूर्वजों को याद किया। महालया के साथ ही पितृपक्ष का समापन और देवी पक्ष की शुरुआत मानी जाती है। इसी के साथ बंगाल में दुर्गापूजा के उत्सव का माहौल भी बनने लगा है।
महालया पर पूर्वजों को तर्पण, सुबह से घाटों पर पहुंचे श्रद्धालु
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, महालया पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का विशेष अवसर है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए तर्पण करते हैं। इसी परंपरा का पालन करने के लिए हावड़ा समेत पश्चिम बंगाल के विभिन्न गंगा घाटों पर सुबह से ही पुरुषों और महिलाओं की भीड़ जुटी रही। घाटों पर तर्पण का सिलसिला दोपहर तक जारी रहने की संभावना है।
तर्पण के लिए शुभ मुहूर्त को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, इस वर्ष महालया पर पितरों को तर्पण देने का विशेष शुभ समय शनिवार सुबह 11:24 बजे से दोपहर 1:56 बजे तक बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में श्रद्धापूर्वक तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में तर्पण करने के लिए गंगा घाटों पर पहुंचे।
गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात
महालया पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए हावड़ा के विभिन्न गंगा घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मियों की दुर्गा वाहिनी भी तैनात है। इसके अलावा गंगा नदी में नावों और बोट के जरिए निगरानी की जा रही है। हुगली रिवर ट्रैफिक गार्ड और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि तर्पण के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।